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Thursday, 16 April, 2026
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मत-विमत

मनमोहन सिंह के समय नक्सलवाद गिरावट पर था, सुदृढ़ीकरण के दौर में आई मोदी सरकार

2005 में UPA सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में सलवा जुडूम शुरू हुआ, आदिवासी युवाओं को हथियार देकर अपने ही लोगों के खिलाफ लड़ाई में उतारा गया.

जातिवाद भारतीय शहरों से खत्म नहीं हुआ है, बस उसने अंग्रेज़ी सीख ली है

शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.

भारतीय इंडस्ट्री एनर्जी सेक्टर में ताकतवर बने और भारत के निर्माण का नेतृत्व करे

LNG को अपनाने से ही भारत को एनर्जी सुरक्षा नहीं हासिल हो जाएगी. इसके साथ रसोई, औद्योगिक क्रियाओं, और परिवहन में बिजली के उपयोग को बढ़ाना भी जरूरी होगा.

स्पेक्ट्रम जंग का बड़ा हथियार है, उसे वायरल वीडियो के लिए नीलाम न करें

हमारे सामने असली विकल्प सीधा-सा है: क्या हम यह चाहते हैं कि जब सबसे ज्यादा ज़रूरी हो तब हमारे सैनिक बैंडविड्थ के लिए वायरल वीडियो से मुकाबला करें?

चीन ने खुद को ऊर्जा संकट से सुरक्षित कर लिया है. भारत सिर्फ ‘बातें करता है, काम नहीं’

चीन ने कोयले से गैस बनाने में पूंजी, हुनर और टेक्नोलॉजी का धैर्य के साथ निवेश किया. हम कथनी को करनी में बदलने में हमेशा पीछे रहते हैं. कच्चे तेल की कीमत गिरते ही हमारा जोश ठंडा पड़ जाता है.

भारत की तेल और गैस से जुड़ी कमज़ोरी डीजल ट्रकों पर टिकी है

डीजल से धीरे-धीरे दूर जाने की प्रक्रिया भारत की रिफाइनरी की अर्थव्यवस्था को जटिल बना सकती है क्योंकि 2032 तक पेट्रोल की मांग अपने उच्च स्तर पर पहुंचकर उसके बाद घटने लगेगी.

आसिया अंद्राबी महिलाओं के अधिकारों की पैरोकार नहीं, वह भारतीय मुसलमानों की आवाज़ भी नहीं

अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा आसिया अंद्राबी को महिलाओं के अधिकारों की रक्षक बताना दिखाता है कि कैसे नैरेटिव बनाए जाते हैं और क्या चीज़ें छोड़ दी जाती हैं.

क्यों तमिलनाडु चुनाव 2026 में त्रिशंकु विधानसभा बन सकती है

तमिलनाडु में लगभग हर पार्टी अंदरूनी विवाद से जूझ रही है. 4 मई को आने वाले नतीजे एक नया राजनीतिक सरप्राइज और अप्रत्याशित मोड़ दे सकते हैं.

OIC कहां है? जो खुद को ‘मुस्लिम दुनिया की आवाज़’ कहता है, वह सिर्फ बयान देकर चुप नहीं रह सकता

इस संगठन की स्थापना केवल नुकसान हो जाने के बाद बयान जारी करने के लिए नहीं की गई थी. इसका चार्टर संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है.

माओवादी आंदोलन खत्म होने की कगार पर, लेकिन असली चुनौती अब भी बरकरार है

माओवादी हिंसा कम हुई है, लेकिन यह नहीं मान लेना चाहिए कि असंतोष खत्म हो गया है. यह फिर से उभर सकता है—चाहे नई बगावत के रूप में, किसी स्थानीय आंदोलन के रूप में, या किसी और तरह के विरोध के तौर पर.

मत-विमत

पंजाब का धार्मिक बेअदबी विरोधी कानून न्याय की गारंटी नहीं देता, इसके लिए और क्या किया जाना चाहिए?

AAP सरकार ने बेअदबी के मामलों में जवाबदेही के मुद्दे से अपने किसी भी पूर्ववर्ती की तुलना में कहीं अधिक राजनीतिक लाभ उठाया है. अब उसके पास यह अवसर भी है—और दायित्व भी—कि वह अपनी इस बयानबाज़ी को अदालत में अपने प्रदर्शन से साबित करे.

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राजनीति

देश

हिमाचल: हमीरपुर में सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों को शौच कराने पर रोक

हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), 16 अप्रैल (भाषा) हमीरपुर नगर निगम ने पालतू कुत्तों के मालिकों द्वारा अपने जानवरों को सार्वजनिक स्थानों पर शौच कराए जाने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.