scorecardresearch
Monday, 3 August, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

कैसे छात्रों ने मज़ाक और तंज़ के ज़रिए राजनीतिक विरोध का नया तरीक़ा पेश किया

ह्यूमर की वजह से छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को सोशल मीडिया पर इतनी ज़्यादा पहुंच मिली कि पुलिस की कार्रवाई, चोटों और गिरफ़्तारियों की ख़बरों ने उन लोगों का भी दिल जीत लिया, जो शायद इस मुद्दे में दिलचस्पी नहीं लेते.

वंदे मातरम् के विवादित इतिहास से क्यों मुश्किल हो जाता है इसके अपमान को अपराध बनाने का सवाल

अमित शाह का 'वंदे मातरम् बिल' इस गीत को कानून के जरिए राष्ट्रगान के बराबर दर्जा देने की कोशिश करता है. लेकिन यह दर्जा पिछले 76 साल से अधूरे समझौते पर टिका है.

युवाओं के लिए यातना है हमारी शिक्षा व्यवस्था, मोदी सरकार डिसेंट्रलाइजेशन का रास्ता अपनाए

हमारी शिक्षा व्यवस्था बच्चों पर रटंत विद्या का बोझ डालकर और फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘बाजी मारने’ के लिए धकेलकर तमाम प्रतिभाओं का गला घोंट देती है. ऊपर से पेपर लीक भी कहर ढाता है.

JNU से जामिया और अब जंतर-मंतर तक—बल प्रयोग को लेकर फिर सवालों के घेरे में दिल्ली पुलिस

20 जुलाई का 'चलो संसद' मार्च आंसू गैस, लाठीचार्ज और हिरासत के साथ खत्म हुआ. इसके बाद छात्र आंदोलनों से निपटने के दिल्ली पुलिस के पुराने तरीकों पर फिर सवाल उठने लगे.

छात्र आंदोलन के 2 साल बाद बांग्लादेश के सामने सवाल, खून-खराबे से आखिर हासिल क्या हुआ?

जुलाई 2024 के विद्रोह के बांग्लादेश को एकजुट न कर पाने की एक बड़ी वजह यह लगातार बना हुआ शक है कि इसकी अगुवाई किसने की—और क्यों?

भारत के नए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स चीन नहीं बल्कि पाकिस्तान के खिलाफ ज्यादा प्रभावी

सवाल है कि कोई सेना आधुनिक युद्ध की मांगों के मद्देनजर किस स्तर की क्षमता में वृद्धि करे? यह केवल इससे नहीं तय होगा कि युद्धभूमि का स्वरूप कैसा है या दुश्मन कौन है.

बार-बार होने वाली परीक्षा की नाकामी को मोदी सरकार किसी और की विरासत नहीं बता सकती

छात्रों का प्रदर्शन अब सिर्फ नीट पेपर लीक का मुद्दा नहीं, बल्कि जवाबदेही के संकट का सवाल बन गया है.

CJP प्रदर्शन अन्ना आंदोलन जैसा नहीं, मोदी सरकार को समझ नहीं आ रहा इससे कैसे निपटें

मोदी सरकार ने छात्रों की शुरुआती मांगों पर तुरंत जवाब नहीं दिया क्योंकि उसके लिए अहंकार ज्यादा अहम था. सोच यही थी—'ऐसे आंदोलन पहले भी देखे हैं, इन बच्चों को भी संभाल लेंगे.'

उग्रवाद के दौर में पीछे छूट गए शिव कुमार बटालवी, बॉलीवुड ने उनकी कविताओं को फिर नई पहचान दी

कीट्स, बायरन और शेली की तरह शिव कुमार बटालवी की भी कम उम्र में मौत हो गई—पंजाब में उग्रवाद शुरू होने से पहले.

इरोम शर्मिला से वांगचुक तक—हर सरकार झुकने से डरती है, वह नहीं मानती कि विरोध प्रदर्शन असर करते हैं

सत्ता को भरोसा रहता है कि समय के साथ भीड़ कम हो जाएगी, अनशन टूट जाएगा और युवा थक जाएंगे. सरकार के पास बहुत वक्त है, लेकिन क्या CJP के पास भी है?

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

बिहार अधिकारी की हत्या: ‘कबूलनामे’ के बाद ड्राइवर गिरफ्तार, LJP (RV) के MLA पर परेशान करने का आरोप

नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी विमल कुमार की शनिवार को कथित तौर पर उस समय हत्या कर दी गई, जब वह घर जा रहे थे. उनकी पत्नी ने ड्राइवर को संदिग्ध बताया है और बड़ी साजिश का आरोप लगाया है.

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.