परीक्षाएं टाल दी गई हैं और 10 दिनों के लिए क्लास भी बंद हैं. दिप्रिंट ने सोमवार को देखा कि फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से भारी पुलिस तैनाती के बीच छात्र अपना सामान लेकर बाहर निकल रहे थे.
पिछले एक दशक में PhD में दाखिले लगभग तीन गुना हो गए हैं, लेकिन फैकल्टी, पोस्ट-डॉक्टरल और रिसर्च के सीमित मौकों की वजह से कई ग्रेजुएट एकेडमिक क्षेत्र से बाहर करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं.
पैनल में छात्रों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. जिस परीक्षा में छात्र को कथित तौर पर फ़ोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, उसमें दुल्ला इनविजिलेटर थे. कुछ घंटों बाद वे मृत पाए गए.
निदेशक शिरीष केदारे ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी प्रो. सूर्यनारायण दूल्ला को ‘हर संभव कानूनी मदद’ देने का भी ऐलान किया. फैकल्टी और कुछ छात्र उनके समर्थन में हैं.
स्थापित पैटर्न से एक बड़ा बदलाव वाइस-प्रेसिडेंट के चुनाव में देखने को मिला, जहां NSUI के पूर्व सदस्य और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने ABVP और NSUI, दोनों ही उम्मीदवारों को हरा दिया.
हरियाणा सरकार ने असुरक्षित क्लासरूम को वेरिफाई करने और गिराने के लिए 30 सितंबर की डेडलाइन तय की है; AAP नेता का कहना है कि सरकार ने एक्टिविस्ट के मुद्दा उठाने के बाद ही कार्रवाई की.
प्राइवेट यूनिवर्सिटी की संख्या, राज्य की आबादी और इन संस्थानों की जगह को साथ रखकर देखें तो साफ पता चलता है कि हरियाणा की उच्च शिक्षा व्यवस्था असल में किन लोगों की जरूरत पूरी कर रही है.
छोटे छात्रों ने जो समस्याएं उठाई हैं, वे सिर्फ उनकी अपनी शिकायतें नहीं हैं. सरकारी आंकड़ों में भी इन कमियों का ज़िक्र है, जो ‘उनकी उम्मीदों और उन्हें मिल रही सुविधाओं के बीच अंतर’ को दिखाता है.
चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के पहले बैच के छात्र अब आगे की पढ़ाई और करियर के रास्ते तलाश रहे हैं. दिप्रिंट ने इनमें से कुछ छात्रों से बात की और समझा कि FYUP ने उनकी पढ़ाई और करियर की योजनाओं को कैसे प्रभावित किया.
2020 में NPCI ने UPI के कुल मासिक ट्रांजैक्शन में किसी एक थर्ड-पार्टी ऐप की हिस्सेदारी 30% तक सीमित करने का सर्कुलर जारी किया था. इसका मकसद जोखिम कम करना और ‘UPI सिस्टम की सुरक्षा’ करना था. नई समयसीमा 31 दिसंबर 2026 है.