Sunday, 26 June, 2022

एएनआई

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मत-विमत

‘जिताऊ उम्मीदवारों’ की बीमारी के राष्ट्रपति चुनाव तक आ पहुंचने के मायने

लेकिन आज बड़ा सवाल इसके बदले यह है कि क्या राष्ट्रपति के, जिन्हें देश का प्रथम नागरिक माना जाता है और जिनके पद में देश की प्रभुसत्ता निहित होती है, चुनाव को भी ऐसे ओछे राजनीतिक मंसूबों व जिताऊ समीकरणों से जोड़ा जाना नैतिक है? और क्या इससे इस पद का गौरव बढ़ता है?

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बागी मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे ठाकरे : पवार

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने रविवार को यहां कहा कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महा...

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