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Sunday, 20 September, 2026
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नेशनल इंट्रेस्ट

मुनीर का सत्ता हथियाने का खेल उनके डर की इंतिहा है, तानाशाही के साथ अक्सर भ्रम भी पनपता है

सभी पाकिस्तानी तानाशाह एक समय के बाद उन्मादग्रस्त होने के संकेत देते दिखे हैं, 1950 वाले दशक से यह भारत के लिए एक रणनीतिक हकीकत रही है. मुनीर जिस डर से ग्रस्त हैं उसे ‘एक्रोफोबिया’ यानी ऊंचाई से डर के रूप में परिभाषित किया जा सकता है.

40 साल पहले हत्यारों की गोलियों से मारे गए जनरल वैद्य, दो महावीर चक्र पाने वाले सैनिक को देश भूला

चालीस साल पहले, इसी सप्ताह खालिस्तान कमांडो फोर्स के हत्यारे जनरल वैद्य को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमारे इस रिटायर्ड सेनाध्यक्ष की सुरक्षा की सिर्फ इतनी फिक्र की गई थी कि उनके लिए पुलिस का सिर्फ एक गनमैन तैनात किया गया था.

RSS गुरु की शिष्य मोदी सरकार को नसीहत: Gen Z पर भागवत के समर्थन में छिपा है इंदिरा गांधी दौर का सबक

भागवत दूर से नजर रखे हुए थे और मोदी सरकार के खिलाफ युवाओं के आक्रोश को लेकर चिंतित थे. सबसे पहला काम तो उन्होंने यह किया कि Gen-Z के आंदोलनकारियों को राष्ट्र-विरोधी बताने वाली आलोचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया.

भारत के Gen Z ने एक दरार बना दी है, यह BJP पर है कि उसे भरे या विपक्ष उसे और चौड़ा करे

युवाओं ने कुलीन तबकों की खुद की ओढ़ी उस चुप्पी को तोड़ दिया, जो उन्हें मोदी सरकार की आलोचना में एक भी शब्द खुलकर बोलने से रोकती थी, और कुछ कहना भी हो तो दाएं-बाएं, आगे-पीछे झांकने के बाद दबी आवाज में.

युवाओं के लिए यातना है हमारी शिक्षा व्यवस्था, मोदी सरकार डिसेंट्रलाइजेशन का रास्ता अपनाए

हमारी शिक्षा व्यवस्था बच्चों पर रटंत विद्या का बोझ डालकर और फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘बाजी मारने’ के लिए धकेलकर तमाम प्रतिभाओं का गला घोंट देती है. ऊपर से पेपर लीक भी कहर ढाता है.

एकदलीय व्यवस्था कायम करने की BJP की कोशिश कांग्रेस में फूंक सकती है नई जान

कहीं नगरपालिका का चुनाव भी हो रहा हो और कांग्रेस का वहां कोई नाम-ओ-निशान भी न हो फिर भी आप BJP को कांग्रेस पर हमला करते पाएंगे. यह सब बताता है कि मोदी कांग्रेस को ही एकमात्र संभावित प्रतिद्वंद्वी मानते हैं.

‘सतलुज’ पंजाब में बहा सकती है आक्रोश, अविश्वास की धारा, मामला फिल्म नहीं बल्कि वोटों का है

दिलजीत दोसांझ अभिनीत ‘सतलुज’ फिल्म किसी पार्टी या नेता पर उंगली नहीं उठाती लेकिन हमें मालूम है कि पंजाब में जनसंख्या का स्वरूप ऐसा है कि यह फिल्म चिनगारी का काम कर सकती है.

राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस की कमजोर होती पकड़ भारत को एक-दलीय व्यवस्था की दिशा में धकेल रही है

2014 के बाद की राजनीति में कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रवाद को छोड़ देना सबसे दिलचस्प पहलू है. असल कांग्रेस कभी भी भावुक शांतिवादियों की पार्टी नहीं रही.

सैको की शानदार मुजफ्फरनगर दंगा कॉमिक पर प्रकाशक की रोक भारत की आजादी पर एक कड़वा मजाक है

सैको की ‘रिपोर्टिंग’ अविश्वसनीय रूप से तह तक जाती है लेकिन कुछ मामलों में वे चूक गए हैं. लेकिन इस वजह से हम उस बात को न ओझल करें जिस पर सैको ने ज़ोर दिया है कि किस तरह स्थानीय झगड़े दंगों का रूप ले लेते हैं.

सत्ता से बाहर होते ही कई दल टूट क्यों जाते हैं, और कुछ दल बचे रहते हैं?

विचारधारा या सत्ता की गोंद राजनीतिक दलों को जोड़े रखती है. इनमें से कोई भी अगर उन्हें न जोड़ती हो तो दलबदल उद्योग जैसे पैमाने पर होने लगता है, जैसा इन दिनों हुआ है.

मत-विमत

सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भारत की फूड इंडस्ट्री स्वेच्छा से खुद को बदले

स्वैच्छिक बदलाव से सभी कंपनियों के लिए बराबर की प्रतिस्पर्धा की स्थिति नहीं बन पाई थी. फूड पैकेट पर चेतावनी वाले लेबल अब एक समान व्यवस्था उपलब्ध करा सकते हैं.

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राजनीति

देश

यातायात चालान नियमों में बदलाव के विरोध में वकीलों का हड़ताल का ऐलान

नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) दिल्ली की सभी जिला अदालतों के अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति ने रविवार को एक परिपत्र जारी करके सभी...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.