यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.
गुरुग्राम के हयातपुर में एक एसयूवी मालिक ने डिलीवरी बाइक्स की पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद एक डिलीवरी वर्कर को कुचलने की कोशिश की. इस रिहायशी इलाके में स्विगी का एक डार्क स्टोर मौजूद है.
पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.