पिछले दो दिनों में, नरेंद्र मोदी ने एल्गोरिदम को अपने पक्ष में करने की कोशिश की. उन्होंने Gen Z से जुड़ने की उम्मीद में रील्स बनाईं, लेकिन नुकसान की भरपाई करने की यह कोशिश उल्टी पड़ गई.
हमारी शिक्षा व्यवस्था बच्चों पर रटंत विद्या का बोझ डालकर और फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘बाजी मारने’ के लिए धकेलकर तमाम प्रतिभाओं का गला घोंट देती है. ऊपर से पेपर लीक भी कहर ढाता है.