रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन ने हलफनामा दायर कर कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि आरोपित कंपनियों के रोजमर्रा के कामकाज में वह शामिल नहीं थे.
हर देश अब यह खेल खेलना सीख रहा है. कुछ देश नए सहयोगी ढूंढ रहे हैं या उन देशों की अहमियत समझ रहे हैं, जिनमें पहले उनकी बहुत कम दिलचस्पी थी. इसका सबसे साफ उदाहरण भारत और यूरोप हैं.