“समस्या यह है कि एक पैरेलल सिस्टम बन गया है. जहां भी मुझे पोस्ट किया जाएगा, मुझे इसके खिलाफ लड़ना होगा, बिना किसी समर्थन के,” रिंकू सिंह रही ने दिप्रिंट को बताया.
बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान के अप्रैल में भारत आने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पद संभालने के बाद ये दोनों देशों के बीच पहला बड़ा हाई-लेवल संपर्क होगा.
“समस्या यह है कि एक पैरेलल सिस्टम बन गया है. जहां भी मुझे पोस्ट किया जाएगा, मुझे इसके खिलाफ लड़ना होगा, बिना किसी समर्थन के,” रिंकू सिंह रही ने दिप्रिंट को बताया.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.