नेतन्याहू की जीत इसलिए मानी जाएगी क्योंकि उन्हें हराया नहीं जा सका है. हमास की ‘कृपा’ से उन्होंने इजरायल को पूरी तरह बदल दिया है. अब वहां अरब नागरिकों को अलग करके ही कोई गठबंधन सत्ता में आ सकता है.
नेतन्याहू की जीत इसलिए मानी जाएगी क्योंकि उन्हें हराया नहीं जा सका है. हमास की ‘कृपा’ से उन्होंने इजरायल को पूरी तरह बदल दिया है. अब वहां अरब नागरिकों को अलग करके ही कोई गठबंधन सत्ता में आ सकता है.
बीजेपी के दौर के कानूनों को खत्म करने के वादे के 3 साल बाद, कर्नाटक के ईसाई और मुस्लिम नेताओं ने देरी को लेकर कांग्रेस पर दबाव बढ़ा दिया है. वे धर्मांतरण विरोधी और गोवध विरोधी कानूनों को पूरी तरह से रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
नेतन्याहू की जीत इसलिए मानी जाएगी क्योंकि उन्हें हराया नहीं जा सका है. हमास की ‘कृपा’ से उन्होंने इजरायल को पूरी तरह बदल दिया है. अब वहां अरब नागरिकों को अलग करके ही कोई गठबंधन सत्ता में आ सकता है.