ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि वह योजना के अनुसार इस्लामाबाद में अपने दूत नहीं भेजेंगे, जबकि ईरान के विदेश मंत्री अराघची शहर लौटने वाले हैं. ISPR ने गलत दावा किया कि अमेरिकी टीम पाकिस्तान में थी.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.
तवांग के बॉब खाथिंग म्यूज़ियम ऑफ़ वेलोर में मक्खन मथने की मशीनें और टोकरियां, सलमान खान की फ़िल्म ट्यूबलाइट की बंदूकों और पोस्टरों के साथ रखी हैं. यह एक विवादित सीमा पर राष्ट्रीय कहानी कहने का ही एक हिस्सा है.
उन्होंने कहा कि उनकी TRS, ‘भ्रष्ट’ कांग्रेस सरकार, ‘पटरी से उतरी’ BRS और ‘उदासीन’ BJP का एक विकल्प होगी—वह BJP जो ‘कभी नहीं चाहती थी’ कि तेलंगाना एक अलग राज्य बने.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है