कांग्रेस सांसद का कहना है कि सैद्धांतिक रूप से, मुट्ठी भर बड़े और गरीब राज्य पूरे देश का भविष्य तय कर सकते हैं, जिससे बाकी लोगों को 'अपने ही देश में दर्शक जैसा' महसूस होता है.
मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.
गाज़ियाबाद की 'फॉर्च्यून रेजिडेंसी' के एक निवासी ने कहा, 'इन गेटेड सोसाइटियों में मंदिर अब सत्ता का एक नया केंद्र बन गए हैं. हम तो बस पारदर्शिता चाहते हैं, फिर सत्ता चाहे किसी के भी हाथ में हो.'
कांग्रेस सांसद का कहना है कि सैद्धांतिक रूप से, मुट्ठी भर बड़े और गरीब राज्य पूरे देश का भविष्य तय कर सकते हैं, जिससे बाकी लोगों को 'अपने ही देश में दर्शक जैसा' महसूस होता है.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.