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Thursday, 23 July, 2026
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भारत में नागरिक कौन है? इसी जवाब से तय होगा कि किसे अधिकार मिलेंगे

दस्तावेज़ के आधार पर नागरिकता तय करने का विचार लोगों को बाहर करने वाला है और उनके अधिकार सीमित करता है. इसका मकसद चुनावी समीकरण BJP के पक्ष में करना भी बताया जा रहा है.

ईरान और सऊदी अरब के बीच फंसा पाकिस्तान, पश्चिम एशिया में बढ़ी नई मुश्किल

पाकिस्तान एक तरफ अपनी अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और क्षेत्रीय रिश्तों को संभालने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान और सऊदी अरब के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना कर रहा है.

8.59 करोड़ की इमारत, एक भी क्लास नहीं: कैसे खंडहर में तब्दील हुआ बक्करवाला यूनिवर्सिटी कैंपस

पश्चिमी दिल्ली के बक्करवाला गांव में 8.59 करोड़ रुपये की लागत से बनी इमारत को एक एजुकेशन हब बनना था. इसे 5 संस्थानों के लिए तय किया गया था, लेकिन 3 सरकारी संस्थाओं ने एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी टाल दी और वहां कभी कोई क्लास नहीं चली.

कैसे खड़ा हुआ विरोध प्रदर्शन? ‘वांगचुक और बच्चों’ के लिए जंतर-मंतर पर एकजुट हुए छात्र और पूर्व सैनिक

वांगचुक को 'ज़बरदस्ती' हटाए जाने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है. "हमारे छात्रों का भविष्य अंधेरे में नहीं छोड़ा जाना चाहिए और न ही उसे पेपर लीक का बंधक बनने देना चाहिए."

बांग्लादेश की सेना में बढ़ा धार्मिक असर, फिदेल कास्त्रो ने शेख मुजीब को पहले ही दी थी चेतावनी

बांग्लादेश सेना ने नई यूनिट बनाई है, जिसकी चार कंपनियों के नाम इस्लाम के पहले चार खलीफाओं — उमर, अबू बक्र, अली और उस्मान के नाम पर रखे गए हैं.

2,000 स्थल, 60 कब्रिस्तान और रिसर्च की कमी: हड़प्पा काल में कैसे होता था अंतिम संस्कार

हड़प्पा सभ्यता के 2,000 से अधिक ज्ञात स्थलों में करीब 60 कब्रिस्तान ही दर्ज किए गए हैं. विद्वानों का मानना है कि भारत के प्राचीन दफन परंपराओं पर रिसर्च की काफी कमी है. जबकि मिस्र में यह विषय लंबे समय से अध्ययन का केंद्र रहा है.

धर्मेंद्र प्रधान को हटाने से ज्यादा राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर क्यों ध्यान दे रही है CJP?

मोदी के दौर में किसी भी विरोध-प्रदर्शन के लिए हालात उतने आसान नहीं होंगे, जितने UPA-2 के समय अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के आंदोलन के लिए थे.

जिस भरत तिवारी को पुलिस ने मुठभेड़ में मारा, गांव वाले उसे क्यों बताते हैं अपना ‘मसीहा’

विवादित पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के करीब एक महीने बाद भी भरत तिवारी अपने गांव के लोगों की यादों में गरीबों के हक के लिए जान देने वाले मददगार के रूप में ज़िंदा हैं.

जब तक भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनता, तब तक सरकार का मंदिर चलाने का कोई काम नहीं

जब भी कहीं कोई गड़बड़ी होती है, तो सरकार को बीच में लाना सही समाधान नहीं है. यह इस मूल सोच के भी खिलाफ है कि धार्मिक मामलों में सरकार का दखल नहीं होना चाहिए.

राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोप BJP की राजनीति के लिए इतने अहम क्यों हैं

अगर राम मंदिर जैसे घोटाले के आरोप किसी विपक्ष शासित राज्य में लगे होते, तो संभव है कि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग कानून (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर कथित अपराध से हुई कमाई की जांच शुरू कर देती.

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कॉजपा ने शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया, सरकार की बातचीत की पेशकश को ठुकराया

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने बृहस्पतिवार को 24 जुलाई को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का देशव्यापी आह्वान किया और...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.