विशेषज्ञों का कहना है कि प्रति व्यक्ति आधार पर बढ़ोतरी बहुत बड़ी नहीं, लेकिन ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में कम रिपोर्टिंग के कारण असली बोझ इससे ज्यादा हो सकता है.
कई बड़ी भारतीय दवा बनाने वाली कंपनियों ने भारत में वज़न घटाने वाली दवाओं के जेनेरिक वर्शन बनाने और बेचने के लिए पहले ही रेगुलेटरी मंज़ूरी या सुझाव हासिल कर लिए हैं.
2023 में भारत में लगभग 2.03 लाख नए मामले दर्ज हुए, जो 1990 की तुलना में 477.8 प्रतिशत ज्यादा हैं. मौतों की संख्या 1.02 लाख तक पहुंची, जो 352.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.
इस ड्राइव में हर साल 14 साल की होने वाली सभी 1.15 करोड़ लड़कियों को शामिल किया जाएगा और यह भारत के यूनिवर्सल इम्यूनाइज़ेशन प्रोग्राम (UIP) से अलग एक स्पेशल प्रोग्राम के तौर पर चलेगा.
सेल प्रेस जर्नल, सेल मेटाबॉलिज्म में 19 फरवरी को छपी एक स्टडी में पाया गया कि जब ऑक्सीजन का लेवल गिरता है तो रेड ब्लड सेल्स एक बड़े 'ग्लूकोज सिंक' के तौर पर काम करते हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि छांयसा में 1 महीने में 20 लोगों की मौत हुई, सरकारी डॉक्टर मौत की संख्या 7 बता रहे हैं. मौत का कारण अभी पता नहीं चला है, इसलिए डॉक्टर ग्रामीणों की हेपेटाइटिस बी, सी और एचआईवी की जांच कर रहे हैं और पानी की भी जांच कर रहे हैं.
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कहा कि पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल सीटें खाली न रहें, इसलिए कट-ऑफ कम किया गया. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है.
जैसे-जैसे भारत में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ज्यादा लोग ऐसी लत का शिकार हो रहे हैं जिसमें कोई नशा नहीं होता, जैसे ज़रूरत से ज्यादा इंटरनेट चलाना, गेम खेलना, मोबाइल और सोशल मीडिया पर ज्यादा निर्भर रहना.