सीएम विजय के परंदूर परियोजना रद्द करने की आलोचना में तर्क है, लेकिन इससे एक ज़रूरी फर्क छिप सकता है—कुछ करने का वादा और किसी काम को रद्द करने का वादा एक जैसा नहीं होता.
मोहन भागवत के भाषण को लेकर मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों की राय में एक बात समान है—और वह है एक अहम बात का न कहा जाना. हर समुदाय से यह तो कहा गया कि उनकी सुरक्षा की जाएगी, लेकिन किसी से यह नहीं कहा गया कि हम सभी भारत का समान रूप से हिस्सा हैं.
एक रेगुलेटर के तौर पर, FSSAI की ज़िम्मेदारी है कि वह आम लोगों के हितों की रक्षा करे और उन्हें नुकसानदायक खाने-पीने की चीज़ों से बचाए, लेकिन असल में उसके काम संतोषजनक नहीं रहे हैं.
1930 के दशक में जर्मनी का अनुभव दिखाता है कि जब आर्थिक तंगी के कारण बेहतर ज़िंदगी की उम्मीदें खत्म हो जाती हैं, तो बड़ी संख्या में निराश युवा आबादी राजनीतिक रूप से अस्थिर हो सकती है.
PM बालेंद्र शाह UNGA में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं. नेपाल को अपनी आपदा के लिए दुनिया से मदद और विदेशों में रहने वाले अपने लोगों के लिए मजबूत सुरक्षा की ज़रूरत है.
नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने शुक्रवार को अपने 805 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के...