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Thursday, 11 July, 2024
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राहुल गांधी ने अनजाने में ‘अभय मुद्रा’ को इस्लाम से जोड़ दिया, अब्राहमिक धर्म इस मामले में काफी जटिल हैं

अगर हम इस्लामी संस्कृति के हिस्से के रूप में हाथ के प्रतीक पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, तो यह मध्य पूर्वी मुसलमानों के बीच मौजूद है और इसे हिब्रू में हम्सा और अरबी में खम्सा कहा जाता है.

‘जय भीम, जय संविधान’: वह नारे जो गैर-दलितों से दूर थे, अब संसद में गूंज रहे हैं

आंबेडकर के करीबी रहे दलित नेता बाबू हरदास लक्ष्मणराव नागरले द्वारा बनाए गए ‘जय भीम’ नारे ने कई दलित दलों का उत्कर्ष और पतन देखा और अब इसे गैर-दलित सांसद उस लोकसभा में उठा रहे हैं जिसमें बसपा का कोई सदस्य नहीं है.

मोदी की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ की सफलता के सूत्र सन 1800 के कोलकाता से मिल सकते हैं

भारत अपने पूरब में स्थित आर्थिक शक्तियों से जुड़ना चाहता है तो उसे एक ऐसी ही दुनिया बनने की कल्पना करनी चाहिए जैसी दुनिया 19वीं सदी के कोलकाता की थी. वैश्विक भारत केवल नौकरशाही वाली व्यवस्थाओं से नहीं बनेगा, उसके लिए कल्पना की परियोजना की ज़रूरत होगी.

फोन से निकलने वाली ब्लू लाइट आपकी स्किन के लिए हानिकारक है, ऐसे करें बचाव

त्वचा संबंधी समस्याओं वाले मेरे कई मरीज़ अलग-अलग स्क्रीन के सामने 12 घंटे तक बिताते हैं. इससे त्वचा में जलन, सूजन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं.

ड्रोन आधारित युद्ध में भारतीय सेना ने PLA की बढ़त को कम किया है, अब इन्हें स्पष्ट दृष्टिकोण अपनाना होगा

स्वॉर्म ड्रोन के इस्तेमाल के बारे में सेना को विचार करना चाहिए. उनका इस्तेमाल धोखा देने, दुश्मन के रडारों या निगरानी यंत्रों पर बोझ डालने और उसे कीमती इंटरसेप्शन मिसाइलों को दागने पर मजबूर करने में किया जा सकता है.

ओवैसी भारतीय मुसलमानों का प्रतिनिधित्व नहीं करते, ‘जय फिलिस्तीन’ कहना उनकी हताशा को दिखाता है, न कि दृढ़ संकल्प को

ओवैसी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक का ध्रुवीकरण करने में विफल रहे और इस नारे के साथ फिर से कोशिश कर रहे हैं. नूपुर शर्मा ने उनके झांसे में आ गईं, लेकिन उंगली उठाने से पहले उन्हें आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है.

ममता का बुलडोज़र वाला दांव उल्टा पड़ सकता है, कोलकाता की समस्या खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर है न कि हॉकर्स

कोलकाता की समस्याओं का समाधान नागरिक बुनियादी ढांचा, रोजगार, शिक्षा और आवास है, न कि केवल फुटपाथों को फेरीवालों से मुक्त करना. ममता टीएमसी के इतिहास से गलत सबक सीख रही हैं.

CBSE में जो सुधार किए गए उनसे NTA भी सबक ले सकती है

सीबीएसई के देश भर में 16 से ज़्यादा पूर्ण क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जिनमें स्थायी कर्मचारी काम करते हैं. ये क्षेत्रीय कार्यालय परीक्षा के हर पहलू पर नज़र रखते हैं, परिवहन से लेकर परीक्षा केंद्रों के चयन, संरक्षकों, निरीक्षकों और मूल्यांकन तक.

शिवराज की ट्रेन यात्रा से गडकरी और फडणवीस के स्वतंत्र फैसले तक- BJP में फिर दिखने लगे हैं लोकतंत्र के संकेत

मोदी-शाह शासन के दौरान किनारे कर दिए गए लोग अब अपनी जगह बनाने और अपनी आवाज बुलंद करने लगे हैं. और अभी तो यह शुरुआती दिन हैं. भाजपा को इन घटनाक्रमों का स्वागत करना चाहिए.

मोदी की बदली दुनिया : लोकतंत्र से जुड़ी खीझें और राहुल के साथ चाय पीने की मजबूरी

मोदी सरकार की तीसरी पारी में बदली हुई वास्तविकता उस पुराने सामान्य दौर की वापसी होगी, जब बहुमत वाली सरकारों को भी बेहिसाब बहुचर्चित बगावतों का बराबर सामना करना पड़ता था.

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यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मराठा आरक्षण का विरोध नहीं करने वाले नेता हार जाएं: जरांगे

छत्रपति संभाजीनगर, 11 जुलाई (भाषा) आरक्षण आंदोलन कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार को आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय मराठा...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.