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Thursday, 24 September, 2026
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वॉशिंगटन और बीजिंग दोनों के बीच बैलेंस बनाने के लिए भारत को BRICS की ज़रूरत क्यों है?

BRICS के संस्थापक सदस्य के तौर पर भारत के पास दुश्मनी वाले आम सहमति के फैसलों को रोकने और ग्लोबल साउथ में चीन के दबदबे को संतुलित करने के लिए एक अहम वीटो है.

टाटा संस बनाम टाटा ट्रस्ट्स—बॉम्बे हाउस की लड़ाई असल में नैतिक अधिकार को लेकर है

टाटा ग्रुप भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसलिए पूरे समूह को सिर्फ एक व्यक्ति (नोएल टाटा) की दूसरे व्यक्ति (एन चंद्रशेखरन) से दुश्मनी की वजह से ठप नहीं होना चाहिए.

पाकिस्तान ने विदेशी मुद्रा भंडार का नया रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इसमें बड़ी रकम उधार की है

IMF के प्रति पाकिस्तान का कमिटमेंट पहले से ही इसे कर्ज़ के तौर पर बताता है. सरकार एक ऐसे आंकड़े का जश्न मना रही है जिसे उसके अपने बेलआउट डॉक्यूमेंटेशन में पूरी तरह से रिज़र्व नहीं माना गया है.

भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अब सिर्फ कूटनीति से काम क्यों नहीं चलेगा

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नज़र रखने वालों के लिए जहां लोगों के बीच संबंधों में काफी निवेश किया गया है, राजनीतिक समझ में बदलाव एक दुविधा पैदा करता है.

भारत के पास भूखमरी को खत्म करने की टेक्नोलॉजी अभी मौजूद है, सवाल जनता की इच्छाशक्ति का है

भारत के पास अब एक पीढ़ी के भीतर बड़े पैमाने पर गरीबी और भीषण भुखमरी को पूरी तरह खत्म करने की तकनीकी क्षमता है. लेकिन क्या वह ऐसा करना चाहता है?

भारत में असहमति जताने वाले मुसलमानों को सुरक्षा की ज़रूरत है, गणराज्य सिर्फ कौम को दोष नहीं दे सकता

इब्न खल्दून भारती शाह बानो के मामले में सही हैं, लेकिन 20 करोड़ भारतीयों के मामले में गलत. ब्रोकर काउंटर पर बनता है, मस्जिद में नहीं.

ट्रंप के ग्रीनलैंड समझौते से कुछ खास नहीं बदलता, पर उनकी धौंस US-डेनमार्क के रिश्तों को बदल सकती है

जब डॉनल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपना टकराव खत्म किया, तो यूरोपीय नेता उन बड़े जोखिमों को याद कर रहे थे जो उन्होंने तब उठाए थे जब उनकी सीमाओं पर शीत युद्ध का साया मंडराने लगा था.

शाह बानो से वक़्फ़ तक: कैसे मुस्लिम राजनीति ने बुद्धिजीवी नहीं, बल्कि सिर्फ बिचौलिए पैदा किए हैं

भारतीय मुसलमानों के पास नेता, वकील और नौकरशाह हैं, लेकिन उनमें आत्म-आलोचना की संस्कृति का अभाव है.

सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भारत की फूड इंडस्ट्री स्वेच्छा से खुद को बदले

स्वैच्छिक बदलाव से सभी कंपनियों के लिए बराबर की प्रतिस्पर्धा की स्थिति नहीं बन पाई थी. फूड पैकेट पर चेतावनी वाले लेबल अब एक समान व्यवस्था उपलब्ध करा सकते हैं.

तमिलनाडु में चार महीने की विजय सरकार: शासन से ज्यादा दिख रही है व्यक्तिपूजा की राजनीति?

विजय के तमिलनाडु में गवर्नेंस कहां है? परंदूर एयरपोर्ट से लेकर विधानसभा में शर्मनाक 'जबड़े' वाली हरकत तक.

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AI नौकरियां छीनेगा लेकिन भारत के लिए बड़ी चुनौती सशक्तिकरण की लहर से चूकना है

IT सेक्टर में दबदबा बनाने के बाद, कम निवेश और दूरदर्शिता की कमी के कारण भारत AI के दौर में पिछड़ गया. अब पॉलिसी के ज़रिए इसे ठीक करना ज़रूरी है.

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राजनीति

देश

शबरिमला प्रसाद बनाने वाली इकाई में एफएसएसएआई की ओर से बताई गई कमियों को दूर करेंगे: टीडीबी

कोच्चि, 24 सितंबर (भाषा) त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने केरल उच्च न्यायालय को बताया कि वह भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई)...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.