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Friday, 14 August, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी-नितिन नवीन की तस्वीर BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं को क्यों चिंता में डाल सकती है

नरेंद्र मोदी और नितिन नबीन का हंसते हुए फोटो बहुत अच्छा है, लेकिन इससे BJP कार्यकर्ता खुश नहीं हुए. वे सोच रहे होंगे कि अब परिवार के कब्जे वाली कांग्रेस और BJP के बीच आखिर क्या फर्क रह गया है.

पाक-तुर्क-सऊदी गुटबंदी सिर्फ कूटनीतिक घटना नहीं है, इससे भारत की सैन्य रणनीति प्रभावित होगी

पाकिस्तानी नेतृत्व को अब टकराव बढ़ाना पहले से सस्ता लग सकता है. यह एक अकेले अभियान की मुश्किल झेलने की जगह एक संकट खड़ा करने का खतरा पैदा करता है.

माओवादी भले ही पीछे हट गए हों, लेकिन भारत के लिए नए लाल विद्रोह का खतरा अभी टला नहीं है

मनमोहन सिंह ने 20 साल पहले इसे हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था. सरकार ने वह लड़ाई तो जीत ली, लेकिन इतिहास बताता है कि वामपंथी उग्रवाद लंबे समय तक दबा नहीं रहता.

RSS-BJP भारतीय युवाओं के साथ ‘अच्छे पुलिसवाले’ और ‘बुरे पुलिसवाले’ का खेल खेल रहे हैं

अब जब सत्तारूढ़ संघ परिवार के नेता आंदोलन को मोड़ने में विफल रहे, तो पारिस्थितिकी तंत्र के अन्य चेहरे इसे अपना बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि विपक्ष को इससे कोई लाभ न मिल सके.

भारत-बांग्लादेश के रिश्ते शेख हसीना से आगे बढ़ने चाहिए

अगर शेख हसीना को हटाने के लिए जुलाई आंदोलन की ज़रूरत पड़ी थी, तो उनकी वापसी के लिए अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ एक और आंदोलन की ज़रूरत होगी.

बांग्लादेश में हसीना की परछाईं से करियर खत्म हो रहे हैं, राष्ट्रपति के बाद अब सेना प्रमुख पर भी दबाव

बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन चुप्पू ने तय समय से दो साल पहले इस्तीफा दे दिया. अब सबकी नजर सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान पर है.

RSS गुरु की शिष्य मोदी सरकार को नसीहत: Gen Z पर भागवत के समर्थन में छिपा है इंदिरा गांधी दौर का सबक

भागवत दूर से नजर रखे हुए थे और मोदी सरकार के खिलाफ युवाओं के आक्रोश को लेकर चिंतित थे. सबसे पहला काम तो उन्होंने यह किया कि Gen-Z के आंदोलनकारियों को राष्ट्र-विरोधी बताने वाली आलोचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया.

वोट देने वाली Gen Z कौन है? कांवड़िये या जंतर-मंतर के युवा

जैसे-जैसे Gen Z भारत की सबसे बड़ी वोट देने वाली पीढ़ी बन रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों को उसकी विविधता को समझना होगा.

शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी उनका आखिरी राजनीतिक दांव हो सकती है, इसकी पूरी तैयारी करनी होगी

अगर शेख हसीना की घर वापसी होती है, तो 2024 के छात्र आंदोलन के बाद यह बांग्लादेश की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना होगी. इसी आंदोलन ने उनकी सरकार गिरा दी थी और उन्हें देश छोड़ना पड़ा था.

CJP प्रदर्शन मुसलमानों के लिए अहम मोड़ है. उन्हें धार्मिक समूह नहीं बल्कि नागरिक बनकर बात रखनी चाहिए

पॉलिटिकल शांति एक ऐसी नैतिकता है जो माइनॉरिटी के लिए सही है. इसे हम 'अल्पसंख्यक धर्म' कह सकते हैं.

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एयर इंडिया: टाटा की कोशिशों के बावजूद क्यों नहीं थम रहीं मुश्किलें?

एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफ़े की घोषणा से एयर इंडिया के कई कर्मचारी भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, और इस समय एयरलाइन को इसकी सबसे कम ज़रूरत है.

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विश्वास के पुल बनाएं, अतीत की गलतियां न दोहराएं: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने युवाओं से कहा

श्रीनगर, 14 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं से विभाजन की दर्दनाक स्मृतियों से सीख...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.