scorecardresearch
Friday, 14 August, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

Gen Z का वोट भारत के चुनावी भविष्य पर असर डाल सकता है, तमिलनाडु को ही देख लीजिए

हम अभी जो देख रहे हैं, वह सिर्फ मतदाताओं की एक नई पीढ़ी का अपनी मौजूदगी दर्ज कराना नहीं है, बल्कि लोगों को अपनी बात मनाने के तरीके की पूरी व्यवस्था में बदलाव भी है.

महाराष्ट्र में ‘मुंढे फैक्टर’ के मायने

2005 बैच के ईमानदार और साफ़-गोई वाले IAS अफ़सर के लिए, जिनका करियर बार-बार तबादलों से गुज़रा है, सिर्फ़ नियम-क़ायदे ही मायने रखते हैं.

क्या होगा अगर भारत के प्रवेश परीक्षा में रैंक नहीं, बल्कि काबिलियत मापी जाए?

NEET का संकट भारत के लिए यह सोचने का मौका है कि आखिर मेरिट यानी योग्यता का मतलब क्या है.

प्रियंका गांधी की ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ वाली बात से उन सभी को चिंता होनी चाहिए जो साइंस को महत्व देते हैं

पूरे इतिहास में, कई दवाएं पारंपरिक ज्ञान से निकली हैं. एस्पिरिन की शुरुआत विलो की छाल से हुई है. आर्टेमिसिनिन पारंपरिक चीनी दवा से निकला है.

CJP का असर—BJP के नैरेटिव पर पकड़ कमजोर हुई, डर का माहौल खत्म हुआ

नागरिकों का विरोध लोकतंत्र के कमजोर होने की प्रक्रिया को रोकने में मदद कर सकता है, लेकिन लोकतंत्र की ताकत पूरी तरह वापस आएगी या नहीं, यह इस बात पर ज्यादा निर्भर करेगा कि गैर-चुनावी स्तर पर मिली इन कामयाबियों को चुनावी राजनीति में कैसे इस्तेमाल किया जाता है.

PoK उस ‘आजादी’ से बचने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो पाकिस्तान ने उस पर थोपी है

जो नागरिकता के दावे के तौर पर शुरू हुआ था, वह 1947 के पुंछ विद्रोह तक चले संघर्ष का नया चैप्टर बन गया है.

NEET और CUET की जरूरत नहीं, बोर्ड रिजल्ट से ही मिलना चाहिए कॉलेज में दाखिला

NEET और JEE ने एक ऐसा फ़ॉर्मैट बनाया है जिसने सच्ची शिक्षा के अर्थ और उद्देश्य को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है.

सेना के लिए ‘विजन-2047’ तो तय हो गया लेकिन अब उसे लागू करने वाला ‘सिस्टम’ चाहिए 

21वीं सदी की लड़ाइयां टेक्नोलॉजी की रफ़्तार से लड़ी जाएंगी. भारत की सेना में बदलाव की प्रक्रिया, कागज़ी कार्रवाई की धीमी रफ़्तार से नहीं चल सकती.

कश्मीर से दिल्ली तक—पेलेट गन के इस्तेमाल से साफ़ है कि भीड़ नियंत्रण के उपाय अब भी विफल हो रहे हैं

20 जुलाई को रैपिड एक्शन फोर्स ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर छर्रे (पेलेट्स) चलाए, जिससे कम से कम चार लोग घायल हो गए.

भारत के Gen Z ने एक दरार बना दी है, यह BJP पर है कि उसे भरे या विपक्ष उसे और चौड़ा करे

युवाओं ने कुलीन तबकों की खुद की ओढ़ी उस चुप्पी को तोड़ दिया, जो उन्हें मोदी सरकार की आलोचना में एक भी शब्द खुलकर बोलने से रोकती थी, और कुछ कहना भी हो तो दाएं-बाएं, आगे-पीछे झांकने के बाद दबी आवाज में.

मत-विमत

एयर इंडिया: टाटा की कोशिशों के बावजूद क्यों नहीं थम रहीं मुश्किलें?

एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफ़े की घोषणा से एयर इंडिया के कई कर्मचारी भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, और इस समय एयरलाइन को इसकी सबसे कम ज़रूरत है.

वीडियो

राजनीति

देश

स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत के ‘साइलेंट विलेज’ में तीन बहनों ने छतों पर फहराया तिरंगा

भदरवाह, 14 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के डोडा जिला स्थित एवं ‘भारत के मौन गांव’ से मशूहर धदकई गांव की तीन मूक बहनों ने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.