Monday, 6 December, 2021
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कृषि कानूनों को वापस लेकर मोदी ने सावरकर के हिंदुत्व की रक्षा की है

बीजेपी ने कृषि कानूनों को वापस लेकर सिखों को ये संदेश दिया है कि बीजेपी को उनकी परवाह है और बीजेपी उनके साथ वह व्यवहार नहीं करती है जो वह मुसलमानों के साथ करती है.

कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा दिखाती है कि खतरनाक दुश्मन का भी हृदय परिवर्तन किया जा सकता है

शक्तिशाली प्रधानमंत्री मोदी को जिस तरह माफी मांगने पर मजबूर किया गया है वह कुछ लोगों को जरूर अच्छा लगा होगा, लेकिन यह गांधी की भावना के विपरीत होगा.

राजस्थान में भी पंजाब जैसे सियासी हालात उत्पन्न कर रहा कांग्रेस आलाकमान

पंजाब में जो कुछ हुआ उससे न अमरिंदर सिंह को फायदा हुआ, न नवजोत सिंह सिद्धू को और न कांग्रेस पार्टी को. राजस्थान में भी वही सब दोहराया जा रहा है

अंतर-धार्मिक विवाह और संबंधित विवादों के लिये अब समान नागरिक संहिता की अनिवार्यता क्यों महसूस हो रही है

समान नागरिक संहिता की आवश्यकता के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने 36 साल पहले 1985 में अपनी राय व्यक्त की थी. गोवा में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है.

युवाओं की बेरोजगारी के मामले में सबसे अमीर केरल और सबसे गरीब बिहार एक जैसे

पिछले एक दशक में युवाओं के बीच बेरोजगारी सभी बड़े राज्यों में बढ़ी, खेतीबाड़ी छोड़ने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई.

कृषि कानूनों की वापसी : कुफ्र टूटा खुदा-खुदा करके…लेकिन आगे और लड़ाई है

किसान प्रधानमंत्री की इस एकतरफा घोषणा को अपनी जीत के रूप में देखने के बावजूद उसमें अपने प्रति कोई हमदर्दी नहीं देख पा रहे. यहां तक ‘देर आयद दुरुस्त आयद’ भी नहीं ही मान पा रहे

कर्णन, काला, असुरन या जय भीम जैसी फिल्में हिंदी में क्यों नहीं बन सकती

तमिलनाडु में नए उभरे दलित-पिछड़ा मध्य वर्ग से ही रंजीत, वेट्रिमारन, मारी सेल्वराज, रजनीकांत, धनुष, सूर्या आदि निकलकर आए हैं. उत्तर भारत के राज्यों में दलित और पिछड़ा मध्य वर्ग छोटा और नया है और वहां से निकलने वाली ऐसी प्रतिभाओं की संख्या कम है.

मोदी के नेतृत्व में ‘सबसे सक्षम’ लोगों के देश के रूप में बदला भारत लेकिन जरूरत ‘दोस्ताना लोगों’ को बचाने की है

एक खुला समाज अपने सभी वासियों के प्रति जितना दोस्ताना होगा और लोग सम्मिलित तथा बहिष्कृत के बीच की रेखा को जितनी धुंधली करेंगे उतना ही यह सहकारी एकता के लिए बेहतर होगा.

कृषि कानूनों की घर वापसी से साफ है कि दादागिरी से कानून पास करना समझदारी नहीं

बीजेपी का चाहे जितना वर्चस्व हो भारत राज्यों का एक संघ है और उनमें से केवल 12 में ही उसके मुख्यमंत्री सत्ता में हैं. कृषि राज्यों का विषय है और अधिकांश भारत आंख मूंद कर उसका अनुसरण नहीं करता

कोविड ने प्रारंभिक शिक्षा को कैसे प्रभावित किया, अभिभावकों, शिक्षकों और तकनीक की क्या है भूमिका

भारत में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की स्थिति को मजबूत करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को सामर्थ्य और सशक्त बनाना अनिवार्य है और ऑनलाइन शिक्षा को समावेशी और सुलभ बनाने की जरूरत है.

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नागालैंड में हत्याओं के बाद पूर्वोत्तर में AFSPA हटाने की मांग ने फिर पकड़ा जोर

‘मणिपुर वीमेन गन सर्वाइवर्स नेटवर्क’ और ‘ग्लोबल अलायंस ऑफ इंडिजिनस पीपल्स’ की संस्थापक बिनालक्ष्मी नेप्राम ने आफस्पा को 'औपनिवेशिक कानून' बताते हुए कहा कि यह सुरक्षा बलों को 'हत्या करने का लाइसेंस' देता है.

लास्ट लाफ

‘फ्री स्पीच चैंपियन’ ममता का बीता हुआ कल और मोदी मुक्का मारने के बजाए चबाने का मज़ा लेते हैं

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए पूरे दिन के सबसे अच्छे कार्टून