scorecardresearch
Friday, 12 December, 2025

टीना दास

95 पोस्ट0 टिप्पणी

मत-विमत

भारत की माओवादियों से लंबी जंग में एक ऐसा खालीपन है जिसे मौतों का आंकड़ा भी नहीं भर सकता है

कमज़ोर शासन, भ्रष्टाचार और गरीबी भारत में आदिवासी जीवन की पहचान बने हुए हैं. इंडस्ट्रियल और माइनिंग प्रोजेक्ट्स शुरू होने से आदिवासियों के मुकाबले ठेकेदारों, नेताओं और अधिकारियों को ज़्यादा फायदा हुआ है.

वीडियो

राजनीति

देश

आदित्यनाथ 12 दिसंबर को बाराबंकी में करेंगे किसान पाठशाला की शुरुआत

लखनऊ, 11 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बाराबंकी जिले के दौलतपुर गांव में पद्मश्री से सम्मानित किसान राम सरन वर्मा के खेत में...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.