SIMI का उदय — जिसमें काफी हद तक उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल होता था जैसी भाषा का इस्तेमाल आज शरजील इमाम करते हैं — कुछ अलग तरह का था. गहरे सामाजिक बहिष्कार और सांप्रदायिक भेदभाव के कारण, शिक्षित युवा मुसलमानों का एक नया समूह इस संगठन की ओर आकर्षित हुआ था.