नई दिल्ली: कनाडा में दो भारतीय मूल के लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर कॉमेडियन-अभिनेता कपिल शर्मा के ब्रिटिश कोलंबिया (BC) स्थित कैफे पर पिछले साल हुई गोलीबारी के सिलसिले में आरोप लगाए गए हैं. उत्तरी अमेरिकी देश की पुलिस ने यह जानकारी दी है.
शर्मा के कैफे ‘कप्स कैफे’ में जुलाई 2025 में खुलने के बाद से तीन अलग-अलग बार गोलीबारी हो चुकी है. पहली घटना पिछले साल 10 जुलाई की सुबह हुई थी, जब एक चलती गाड़ी से कैफे पर कई गोलियां चलाई गई थीं. प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हरजीत सिंह लड्डी और गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों, दोनों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.
7 अगस्त को दूसरी बार हमला हुआ. इसकी जिम्मेदारी भी ढिल्लों और गैंगस्टर कुलवीर सिद्धू ने ली थी. उन्होंने इसे ‘चेतावनी’ बताया था. तीसरा हमला 16 अक्टूबर को हुआ, जब एक बंदूकधारी ने फिर से कैफे पर कई गोलियां चलाईं. इस बार भी सिद्धू और ढिल्लों ने हमले की जिम्मेदारी ली थी.
दो गोलीबारी की घटनाएं
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने एक बयान में कहा कि गिरफ्तारी की घोषणा ब्रिटिश कोलंबिया की प्रांतीय जबरन वसूली टास्क फोर्स ने की. जांच में 16 अक्टूबर की घटना और उससे चार दिन पहले हुई एक अन्य गोलीबारी के बीच संबंध सामने आया था.
RCMP ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को पुलिस को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक घर पर गोलीबारी की सूचना मिली थी. इस घटना में एक महिला घायल हुई थी.
16 अक्टूबर 2025 को पुलिस को शर्मा के कैफे पर गोलीबारी की सूचना मिली. RCMP ने कहा, “घटना के समय कैफे बंद था, लेकिन उसके दो कर्मचारी अंदर मौजूद थे. हालांकि, उन्हें कोई चोट नहीं आई.”
RCMP ने कहा, “दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध सामने आने के बाद BC एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स ने दोनों मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली. तब से जांचकर्ता इन मामलों को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस के अन्य विभागों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.”
1 नवंबर 2026 को BC प्रांतीय एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स ने स्थानीय गैंग विरोधी पुलिस एजेंसी CFSEU-BC और सरे पुलिस सर्विस के साथ मिलकर सरे में प्रदीप सिंह और सवीर खान को गिरफ्तार किया.
दोनों पर 12 अक्टूबर और 16 अक्टूबर की घटनाओं के संबंध में लापरवाही से बंदूक चलाने के दो आरोप लगाए गए हैं.
RCMP के चीफ सुपरिंटेंडेंट डंकन पाउंड ने कहा, “ये आरोप पिछले एक साल में की गई व्यापक जांच का नतीजा हैं. इस दौरान कई न्यायिक मंजूरियां ली गईं, तलाशी के वारंट जारी किए गए और सबूतों का विस्तार से विश्लेषण किया गया.”
उन्होंने कहा, “हम समझते हैं कि इन घटनाओं से समुदाय के लोगों में चिंता पैदा हुई है और हम भी उनकी चिंताओं को साझा करते हैं. इन मामलों में सबूत जुटाने के लिए हमने एक टीम के रूप में लगातार काम किया है. इसी जांच के नतीजे में आज इन आरोपों की घोषणा की गई है. इन आरोपों से जबरन वसूली से जुड़ी हिंसा में शामिल लोगों को एक और स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं.”