नई दिल्ली: बिहार पुलिस ने नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी विमल कुमार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि उसने गुस्से में अपने मालिक की हत्या करने की बात कबूल की है. वहीं, कुमार के परिवार की ओर से लोक जनशक्ति पार्टी (राम-विलास) के एक विधायक द्वारा उन्हें “परेशान” किए जाने के आरोपों के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है.
मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने दिप्रिंट को बताया, “ड्राइवर मिथिलेश कुमार को (रविवार को) हिरासत में लिया गया. वह विमल कुमार की मौत से पहले हुई घटनाओं के बारे में बार-बार अपना बयान बदल रहा था.”
विमल कुमार डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में तैनात थे और शनिवार को नेशनल हाईवे के रास्ते पटना स्थित अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई.
आईजीपी वैभव ने कहा, “टायर बदलने के लिए SUV में रखी रॉड से हत्या करने के बाद ड्राइवर ने पहले यह कहानी बताने की कोशिश की कि दो बाइक सवार लोगों ने विमल कुमार का पीछा किया और उनकी हत्या कर दी.”
उन्होंने कहा कि ड्राइवर ने SUV को सड़क से हटाकर एक गड्ढे में भी गिरा दिया, ताकि इसे हादसा दिखाया जा सके. विमल कुमार की पत्नी की शिकायत के बाद औरंगाबाद पुलिस ने मिथिलेश को गिरफ्तार किया और मामला दर्ज किया गया.
IGP वैभव ने कहा, “पूछताछ के दौरान मिथिलेश ने बताया कि विमल कुमार के साथ कई मुद्दों को लेकर उसके मन में गुस्सा और तनाव था और उसने गुस्से में उनकी हत्या कर दी. वह SUV से बाहर निकला और सबसे पहले रॉड से विमल कुमार पर हमला किया. जब हैरान अधिकारी गाड़ी से बाहर आए, तो मिथिलेश ने उन पर फिर हमला किया और उनकी हत्या कर दी.”
औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने दिप्रिंट को बताया कि फॉरेंसिक साइंस लैब की टीमों ने जमीन पर मिले सबूतों से ड्राइवर द्वारा बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि की है. यह घटना बरुण पुलिस थाना क्षेत्र के तहत नेशनल हाईवे पर हुई.

यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने विमल कुमार के परिवार के उन आरोपों को साझा किया है, जिनमें कहा गया है कि फंड से जुड़े मामलों को लेकर डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह, जिन्हें इलाके में सोनू सिंह के नाम से भी जाना जाता है, ने अधिकारी को कई बार फोन किया था.
परिवार ने कथित हत्या में बड़ी साजिश होने का शक जताया है.
RJD की ओर से X पर शेयर किए गए एक वीडियो में विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी ने कहा, “विधायक उन्हें रोज फोन करते थे और परेशान करते थे. वह उनसे 50 लाख रुपये मांगते थे और उनसे मिलने के लिए लगातार कहते थे.”
उन्होंने आगे कहा, “डेहरी विधायक रोज मिलने के लिए कहते थे और 50 लाख रुपये मांगते थे. वह (विमल कुमार) हमेशा कहते थे कि वह कुछ गलत नहीं कर सकते. विधायक पैसे मांगते थे और वह (विमल) 29 जुलाई को उनसे मिलने गए थे.”
विमल कुमार की मौत पर सोनू सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर कहा, “डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी की हत्या मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत दुखद है और इस मामले में मेरा नाम घसीटे जाने की बात ने मेरी अंतरात्मा को गहराई से झकझोर दिया है.”
उन्होंने कहा, “मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस जांच के बारे में विस्तार से बताया है और अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है. मेरी संवेदनाएं शोक में डूबे परिवार के साथ हैं और यह सुनिश्चित करना कि उन्हें न्याय मिले, मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.”
‘साजिश तो होनी ही चाहिए’
दिप्रिंट से बातचीत में बबीता कुमारी ने कहा कि परिवार यह आरोप नहीं लगा रहा है कि विधायक खुद हत्या में शामिल थे, लेकिन उन्हें किसी बड़ी साजिश का शक है.
उन्होंने कहा, “दिनदहाड़े इतनी बेरहमी से उसकी हत्या करने के पीछे कोई साजिश तो होनी ही चाहिए.”
मामले में FIR का आधार बनी अपनी पुलिस शिकायत में बबीता कुमारी ने कहा: “01-08-2026 को मेरे पति के ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने मुझे मेरे मोबाइल पर फोन किया और बताया कि मेरे पति विमल कुमार अब नहीं रहे. शुरुआत में मुझे लगा कि शायद उन्हें मामूली चोट लगी होगी, लेकिन जब मुझे पता चला कि उनकी सांस नहीं चल रही है, तो मुझे पक्का शक हुआ कि ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने सुबह-सुबह मेरे पति की हत्या कर दी है.”
उन्होंने आगे कहा, “पहले भी उसने मेरे पति की बात मानने से इनकार किया था. मेरे पति ने उसे नौकरी से हटाने की बात कही थी.”
SP वर्मा ने कहा कि परिवार से एक और विस्तृत शिकायत लेने के लिए एक टीम अधिकारी के पटना स्थित घर भेजी गई है.
IGP वैभव ने कहा, “हर संभव पहलू की पेशेवर तरीके से जांच की जाएगी. हम अभी किसी भी पहलू को खारिज नहीं कर रहे हैं और न ही जांच को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकाल रहे हैं.”
विमल कुमार की अंतिम प्रार्थना सभा में शामिल होते हुए तेजस्वी ने बिहार की सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला. LJP (RV) इस सरकार में सहयोगी है. तेजस्वी ने DGP से मामले की निष्पक्ष जांच करने की अपील की.
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