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Friday, 19 June, 2026
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चीन की सब्सिडी नीति ने वैश्विक व्यापार को बिगाड़ा, भारत को उसकी राह पर नहीं चलना चाहिए

अगर भारत चीन का मैन्युफैक्चरिंग विकल्प बनने के लिए कमिटेड है, तो उसे पहले यह पक्का करना होगा कि जिस कॉम्पिटिशन में वह हिस्सा ले रहा है वह ट्रांसपेरेंट, मेज़रेबल हो और यूनिवर्सली लागू होने वाले नियमों से चलता हो.

सिलीगुड़ी कॉरिडोर शुभेंदु सरकार की टॉप प्रायोरिटी क्यों? बॉर्डर पर बन रहा है नया नेक्सस

हाल के हफ्तों में शुभेंदु अधिकारी सरकार ने संवेदनशील ‘चिकन नेक’ क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सड़क, रेल और भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने की परियोजनाओं को तेज़ किया है.

जनजाति पहचान नहीं, तो ST लाभ नहीं. भारत को धर्मांतरित जनजातियों के सवालों का सामना करना होगा

गरीब धर्मांतरित लोगों को न छोड़ें, लेकिन आदिवासी आस्था, संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक जीवन को बचाए रखने वाले आदिवासियों के लिए बने आरक्षण में से हिस्सा भी न दें.

दुनिया को ज़ीरो कोवैक्सिन और चंद्रयान देने के बाद भी भारत में साइंस सॉफ्ट पावर गैप मौजूद

अगर किसी देश को सिर्फ प्राचीन संस्कृति का भंडार माना जाए, आधुनिक इनोवेशन का स्रोत नहीं, तो वह तकनीक के भविष्य को तय करने वाली चर्चाओं से बाहर हो सकता है.

वाजपेयी-आडवाणी की BJP के सहारे बढ़े ममता, नवीन, नीतीश, अब मोदी-शाह की भाजपा के सामने हिसाब चुकाने की बारी

एक वक्त था जब क्षेत्रीय दलों को कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई में बीजेपी एक सुविधाजनक सहयोगी लगती थी, लेकिन उन्हें बहुत देर से समझ आया कि मोदी-शाह की बीजेपी पहले वाली भाजपा से अलग है.

साइंस और तर्क पर ही बना था लिबरल वर्ल्ड ऑर्डर, फिर इसका फेल होना तय क्यों था?

लिबरल इंटरनेशनलिज़्म की ज़बरदस्त नाकामी को अक्सर नेशनलिज़्म की कड़वी सच्चाई को समझने में नाकामी के तौर पर देखा जाता है. लेकिन यह आलोचना पूरी बात नहीं कहती.

BJP बंगाल को पूर्वी भारत का ग्रोथ हब कैसे बना सकती है

पारंपरिक इंडस्ट्रीज़ के कम होने से बंगाल की तरक्की में रुकावट आ रही थी. BJP के सत्ता में आने के बाद हालात बदले हैं. उम्मीद है कि नई सरकार इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करेगी.

पांच चुनौतियां मोदी का इंतिजार कर रही हैं लेकिन पहले वे नेहरू और अतीत की छाया से मुक्त हों

भारत के लिए उन्होंने जो काम किए उसके सम्मोहन से खुद मोदी और उनके समर्थक अगर मुक्त हो सकें तो उन्हें भविष्य पर नजर डालनी चाहिए कि आगे उनके लिए चुनौतियां क्या-क्या हैं.

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को गलत समझा गया है

थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को पूरी तरह समझने के लिए नौवीं और दसवीं क्लास से आगे भी देखना होगा.

NEET से CUET तक: परीक्षा व्यवस्था पर सवाल, लेकिन संस्थानों पर भरोसा क्यों ज़रूरी

इस मानवीय दृष्टिकोण को समझते हुए हमारी प्रतिक्रिया सहानुभूतिपूर्ण होनी चाहिए और संस्थानों की कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जो यह सुनिश्चित करे कि प्रणाली में उनका विश्वास संरक्षित रहे.

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‘मैं वापस आऊंगा’ यादों की दुनिया पर एक मास्टरक्लास है, इसे सिर्फ हिट-फ्लॉप के पैमाने पर न आंकें

इम्तियाज़ अली की 'मैं वापस आऊंगा' बंटवारे पर बनी आम फ़िल्मों जैसी नहीं है. यह फ़िल्म पीड़ितों के दुख-दर्द, अपनी ज़मीन पर लौटने की तड़प या नफ़रत के भयानक चक्र में फंसे लोगों के बारे में नहीं है. यह उससे कहीं ज़्यादा जटिल है.

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राजनीति

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पटनायक ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में देरी को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की

भुवनेश्वर, 18 जून (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक ने बृहस्पतिवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से अपील की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.