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Monday, 3 August, 2026
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भारत के Gen Z ने एक दरार बना दी है, यह BJP पर है कि उसे भरे या विपक्ष उसे और चौड़ा करे

युवाओं ने कुलीन तबकों की खुद की ओढ़ी उस चुप्पी को तोड़ दिया, जो उन्हें मोदी सरकार की आलोचना में एक भी शब्द खुलकर बोलने से रोकती थी, और कुछ कहना भी हो तो दाएं-बाएं, आगे-पीछे झांकने के बाद दबी आवाज में.

ट्रांसपेरेंसी की मांग करना वक्फ बोर्ड पर हमला नहीं, इससे संस्थाओं को भी मदद मिलती है

वक्फ बोर्डों का भविष्य सिर्फ बाहर से थोपी गई चीज़ों का विरोध करने पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि मुस्लिम समुदाय और आम जनता, दोनों का भरोसा जीतने पर भी निर्भर करेगा.

पेपर लीक विवाद अब छात्रों की लड़ाई से आगे बढ़कर जाति की जंग बनता जा रहा है

'रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन' 'नकारात्मक एकजुटता' पर टिका है. यह किसी ढांचागत योजना के लिए नहीं, बल्कि एक साझा दुश्मन के खिलाफ़ सख्ती से बनाया गया एक अस्थायी गठबंधन है.

म्यांमार भारत से संपर्क कर रहा है, नई दिल्ली को यह मौका नहीं गंवाना चाहिए

म्यांमार दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का ज़मीनी पुल और एक अहम स्ट्रेटेजिक पार्टनर है. अच्छी भावना तो है, लेकिन जो कमी है वह है भारत का लगातार ध्यान.

दिल्ली पुलिस का फेशियल रिकॉग्निशन गियर vs प्रदर्शनकारी और उनके फोन. कौन ज़्यादा ताकतवर था

पुलिस जानती है कि मीडिया और आम लोग आमतौर पर उसके पक्ष में रहते हैं, इसलिए उसे बहुत ज्यादा बेरहमी करने की चिंता नहीं होती, लेकिन गरीबों के लिए एक नियम है और मध्यम वर्ग के लिए दूसरा.

भारत फाइलों को डिजिटल बना रहा है, लेकिन उन पर साइन करने का डर अब भी बरकरार

CPGRAMS पर ज़्यादातर शिकायतें रिश्वत के बारे में नहीं होती हैं; वे किसी फ़ैसले के न लिए जाने के बारे में होती हैं, चाहे वह मंज़ूरी न मिली पेंशन हो या कोई पेंडिंग मंज़ूरी.

नया ‘वंदे मातरम्’ बिल उस बहस को फिर जिंदा करता है, जिसका फैसला भारत दशकों पहले कर चुका था

संसद के 1976 के संशोधन में अनुच्छेद 51A में झंडे और राष्ट्रगान का ज़िक्र तो था, लेकिन 'वंदे मातरम' को उसमें शामिल नहीं किया गया था. नया बिल 'अपमान' को अपराध की श्रेणी में लाकर इस कमी को दूर करता है.

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग दिखाती है कि भीड़ नियंत्रण की नीति अब भी ब्रिटिश दौर जैसी है

इस बात पर लंबे समय से लंबित बहस शुरू हो गई है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ बल प्रयोग करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए कब उचित है और किन हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति होनी चाहिए.

तमिलनाडु का रेत खनन घोटाला कई दशकों और कई सरकारों तक फैला है, इसे रोकने का वक्त आ गया है

2002-03 से लेकर करीब 2016 तक 88.4 लाख मीट्रिक टन रेत की अवैध ढुलाई हुई. इससे 5,832 करोड़ रुपये से ज्यादा की रॉयल्टी और जुर्माना सरकार को नहीं मिला.

CAA-NRC आंदोलन के बाद देश में डर का माहौल था, युवाओं ने हंसकर उस डर को हरा दिया

Gen Z ने दिखाया कि डराने वाले शब्दों की ताकत खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका उन पर हंसना है. पहले से तय नियमों वाले इस खेल को खेलने से इनकार करने के लिए मिलेनियल्स हमेशा उनका सम्मान करेंगे.

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‘नकारात्मकता’ छोड़कर सदन में सार्थक चर्चा में योगदान करे विपक्ष : मुख्यमंत्री

लखनऊ, तीन अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले सभी विपक्षी सदस्यों...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.