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Friday, 11 September, 2026

त्रिया गुलाटी

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मत-विमत

‘मनुस्मृति’ में पुरुषों के लिए सजा के नियम चुनकर उसका बचाव क्यों नहीं किया जा सकता?

अपने लेख ‘मनुस्मृति स्त्री-पुरुष दोनों के लिए सख्त है, इसे जलाने से पहले पढ़ तो लीजिए’ में रोहिणी बख्शी इसमें दर्ज कुछ विशेष शर्तों का हवाला देती हैं जबकि इस पूरे ग्रंथ के वास्तविक परिणामों की अनदेखी कर जाती हैं.

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गुरुग्राम जल जमाव : हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जन सुविधाओं को ‘अपर्याप्त’ बताया

चंडीगढ़, 11 सितंबर (भाषा) हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बार-बार जल-जमाव, यातायात जाम, जरूरी सेवाओं में रुकावट और खराब...

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