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Wednesday, 30 September, 2026
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पंजाब के राजनीतिक विवाद के बीच गायत्री बिश्नोई की मीडिया, फैशन और राजनीति में मौजूदगी

पिछले हफ्ते पंजाब में वह चर्चा में आईं, जब कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा ने आरोप लगाया कि वह चंडीगढ़ में सरकारी आवास पर बिना अनुमति रह रही थीं.

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चंडीगढ़: पिछले हफ्ते तक 31 साल की गायत्री बिश्नोई पंजाब में बहुत ज्यादा जानी-पहचानी नहीं थीं. राजस्थान से जुड़ी एक राजनीतिक कार्यकर्ता बिश्नोई ने अपने गृह राज्य में आम आदमी पार्टी के संगठन के जरिए अपनी सार्वजनिक पहचान बनाई थी.

लेकिन पिछले हफ्ते पंजाब में उनका नाम चर्चा में आया, जब कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया कि वह चंडीगढ़ में बिना अनुमति के सरकारी आवास में रह रही थीं और राज्य के सरकारी पैसे पर सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा रही थीं.

खैरा ने पंजाब की AAP सरकार की ओर से अलग-अलग कामों के लिए नियुक्त किए गए कम से कम 10 और लोगों की सूची भी जारी की. आरोप है कि ये लोग सेक्टर-39 स्थित सर्किट हाउस परिसर में पंजाब के मंत्रियों या सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए आवंटित सरकारी घरों में रह रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सुनील जाखड़ मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ परिसर के गेट पर पहुंचे. उन्होंने परिसर में जाने की कोशिश की क्योंकि उनका कहना था कि उन्होंने सर्किट हाउस में एक कमरा बुक किया है. हालांकि, उन्होंने मीडिया को बताया कि उन्हें परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी गई.

उन्होंने कहा कि सर्किट हाउस में कम से कम 18 ऐसे लोग रह रहे हैं, जिनका पंजाब से कोई संबंध नहीं है, लेकिन उन्हें, पंजाबी होने के बावजूद, अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

AAP पर सरकारी पैसे के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए खैरा ने कहा था कि बिश्नोई सेक्टर 39 के सरकारी आवास परिसर में उस घर में रह रही थीं, जिसमें AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया रहते थे.

बिश्नोई ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि वह इसी परिसर के एक दूसरे घर में अपने माता-पिता के साथ रह रही थीं. जिस घर में वह अपने परिवार के साथ रह रही थीं, वह पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह को आवंटित था.

उन्होंने खैरा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी और कहा कि वह उन्हें जेल भेज देंगी. पता चला है कि उन्होंने खैरा के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दी है.

कौन हैं गायत्री बिश्नोई

इस विवाद के बाद उस महिला पर भी ध्यान गया है, जिसका नाम सामने आया है. वह पहले मीडिया की छात्रा और टीवी एंकर रह चुकी हैं. इसके बाद उन्होंने फैशन इंडस्ट्री में कदम रखा और फिर राजनीति में आईं. बाद में उन्हें AAP के संगठन में जगह मिली, जहां वह दिल्ली के पार्टी नेतृत्व के करीब रही हैं.

बिश्नोई राजस्थान के बाड़मेर जिले के भलिसर गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता बीराराम बिश्नोई सेना से रिटायर्ड सूबेदार मेजर हैं. एक प्रमुख हिंदी अखबार में 2023 में प्रकाशित उनके इंटरव्यू के मुताबिक, उन्होंने बाड़मेर में अपना बचपन बिताया. इसके बाद पढ़ाई और करियर के लिए जयपुर चली गईं. उनकी एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है.

उन्होंने महारानी कॉलेज से पढ़ाई की और इसके बाद 2014 से 2016 के बीच एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान से पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की. उन्होंने कुछ समय के लिए मुंबई में एमटीवी में इंटर्नशिप की. वहां उन्होंने MTV Roadies और दूसरे शो बनाने वाली टीम के साथ काम किया.

कॉलेज के बाद उन्होंने डीडी राजस्थान पर एक टीवी कार्यक्रम होस्ट किया, जिसमें उन्होंने मशहूर लोगों, वरिष्ठ अधिकारियों और कलाकारों का इंटरव्यू लिया. उन्होंने कुछ समय के लिए मनीष मुंद्रा की Drisham Films के साथ भी काम किया.

2018 में उन्होंने जयपुर में “Lush Life” नाम से कपड़ों और फैशन की एक बुटीक शुरू की. उस समय के उनके सोशल मीडिया पोस्ट में वह अपने डिजाइन किए हुए कपड़ों का प्रचार करती दिखती हैं. कई बार इसके लिए प्रोफेशनल मॉडल्स का इस्तेमाल किया गया और कई बार उन्होंने खुद भी उन कपड़ों की मॉडलिंग की.

बिश्नोई ने अपनी राजनीतिक यात्रा से जुड़े विवरण के मुताबिक, मार्च 2023 में आम आदमी पार्टी जॉइन की. उनकी शुरुआती राजनीतिक गतिविधियां राजस्थान पर केंद्रित थीं. उनकी तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट में वह पार्टी की बैठकों में शामिल होती, महिला कार्यकर्ताओं से मिलती और संगठन के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती दिखती हैं.

राजस्थान इकाई में उनका बढ़ना काफी तेज़ रहा. AAP में शामिल होने के एक साल के अंदर उन्हें पार्टी की राजस्थान महिला विंग का अध्यक्ष बना दिया गया. इस पद के बाद उन्हें राजनीति में ज्यादा पहचान मिली. उन्होंने राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों का दौरा करना शुरू किया, महिला कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं और पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. उनका सोशल मीडिया भी उनकी राजनीतिक पहचान का एक अहम हिस्सा बन गया.

नवंबर 2023 की एक घटना से उन्हें पार्टी संगठन से बाहर भी पहचान मिली. जयपुर से श्रीगंगानगर जा रही ट्रेन में सफर के दौरान बिश्नोई ने एक्स पर एक पोस्ट किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ यात्री शराब पी रहे थे और दूसरे यात्रियों के साथ बदसलूकी कर रहे थे.

उनकी पोस्ट काफी शेयर हुई. इसके बाद North Western Railway ने अपने अधिकारियों को मामले की जांच करने का आदेश दिया. उन्होंने रेलवे कर्मचारियों से भी शिकायत की और बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप किया. इस घटना के सिलसिले में तीन यात्रियों को हिरासत में लिया गया.

उस समय तक बिश्नोई AAP के राजस्थान महिला संगठन के एक तेजी से पहचाने जाने वाले चेहरे के तौर पर सामने आने लगी थीं. 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP की हार के बाद, पार्टी के कई दूसरे नेताओं की तरह बिश्नोई भी पंजाब चली गईं. वह तीन अन्य लोगों के साथ मनीष सिसोदिया की टीम का हिस्सा बनीं.

हालांकि, उनका राजस्थान से जुड़ाव बना रहा, लेकिन उनके सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि मई 2025 से वह चंडीगढ़ में AAP के दफ्तर में भी सक्रिय थीं. सितंबर 2025 में उन्हें पंजाब में पार्टी की संगठनात्मक जिम्मेदारी औपचारिक रूप से मिली. उस समय AAP ने पंजाब के लिए चार राज्य पर्यवेक्षकों की घोषणा की थी: आदिल अहमद खान, गायत्री बिश्नोई, रितेश खंडेलवाल और असीत कुमार.

ये नियुक्तियां उस समय हुई थीं, जब मनीष सिसोदिया पार्टी के पंजाब प्रभारी थे. इन पर्यवेक्षकों को पूरे राज्य में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गई थीं.

बिश्नोई के लिए यह नियुक्ति एक बदलाव था. वह पहले मुख्य रूप से राजस्थान में पार्टी की कार्यकर्ता थीं, लेकिन अब पंजाब में AAP के संगठन का एक जाना-पहचाना हिस्सा बन गईं.

पिछले साल से वह लुधियाना, पटियाला, खरड़ और चंडीगढ़ में पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं के साथ बैठकों में ज्यादा दिखाई देने लगीं. उन्होंने बूथ स्तर की बैठकों, महिला कार्यक्रमों और संगठन से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

उनकी तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट में वह पार्टी की बैठकों में दूसरे नेताओं के साथ भी दिखाई देती हैं. उन्होंने दिल्ली और पंजाब में सीजेपी के एक विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया.

सीजेपी नेता आशुतोष रांका, जो पहले AAP से करीबी तौर पर जुड़े रहे हैं, पंजाब में उनकी गतिविधियों पर नज़र रखते रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनके काम को लाइक भी करते रहे हैं.

जिस दिन पंजाब विधानसभा में बजट पेश किया गया, उस दिन भी वह विधानसभा में मौजूद थीं. उन्होंने पंजाब की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने की घोषणा के लिए वित्त मंत्री हरपाल चीमा को बधाई दी.

इस घोषणा के बाद उन्होंने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में हुए कई मावां-धियां सम्मान कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया.

विवाद के केंद्र में

पंजाब में उनकी भूमिका ने उन्हें विपक्ष के निशाने पर भी ला दिया. खैरा ने सवाल उठाए हैं कि राज्य में कोई निर्वाचित पद या मंत्री पद नहीं रखने वाले AAP नेताओं और पदाधिकारियों के लिए पंजाब सरकार के संसाधनों का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है.

यह अभी साफ नहीं है कि वह सेक्टर-39 के सरकारी आवास परिसर में पंजाब के एक मंत्री को आवंटित घर में कब रहने लगीं. अक्टूबर 2025 में उनके जन्मदिन का जश्न भी खूब चर्चा में रहा. इस दौरान सरकारी आवास में एक घूमती हुई मेज पर करीब आधा दर्जन केक रखे दिखे थे. इसको लेकर काफी आलोचना हुई.

अगस्त में उनके पूरे परिवार को चंडीगढ़ वाले घर में राखी मनाते हुए देखा गया. इस महीने उन्होंने चंडीगढ़ में कई AAP महिला नेताओं से मुलाकात की. यह मुलाकात सेक्टर-39 के सरकारी आवास परिसर के एक घर में हुई.

खैरा ने जिन मुद्दों को उठाया, उनमें इस साल राजस्थान में बिश्नोई समुदाय के एक कार्यक्रम के लिए बिश्नोई द्वारा पंजाब पुलिस की सुरक्षा और सरकारी गाड़ी के कथित इस्तेमाल का मामला भी शामिल है.

राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ उन्होंने अपने फैशन कारोबार से भी संपर्क बनाए रखा है. उनके सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि दिसंबर 2024 में उन्होंने हवा महल में अपने कपड़ों के ब्रांड से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था. पंजाब की एक महिला AAP विधायक भी बिश्नोई के डिजाइनर सूट कलेक्शन को बढ़ावा देती हुई दिखाई देती हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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