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Wednesday, 30 September, 2026
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लाखों व्यूज वाले AI वीडियो से LPU हिंसा के बाद गलत जानकारी फैली, पंजाब पुलिस उन्हें हटाने में जुटी

एक्स पर 2.5 लाख व्यूज वाले एक वीडियो में वर्दी पहने पुलिस अधिकारी LPU कैंपस में कथित रेप की पुष्टि करते दिख रहे हैं. अब इस पोस्ट को रोक दिया गया है.

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नई दिल्ली: पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पत्र लिखकर पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई हिंसा और विरोध प्रदर्शन से जुड़े AI से बनाए गए वीडियो हटाने को कहा है. दिप्रिंट को यह जानकारी मिली है. अधिकारियों ने कहा कि जमीन पर ऐसी स्थिति दिखाने वाले “जो मौजूद ही नहीं थी” और जांच के “तथ्यों” को बदलने वाले कई वीडियो सामने आने के बाद इन AI से बदले गए वीडियो को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं.

ऐसे ही एक वीडियो पर पुलिस ने ध्यान दिया है, जिसे एक्स पर 2.5 लाख से ज्यादा व्यूज मिले हैं. इसमें वर्दी पहने एक पुलिस अधिकारी LPU कैंपस में कथित रेप की पुष्टि करते दिख रहा है. अब इस पोस्ट को रोक दिया गया है.

तय प्रक्रिया के मुताबिक, राज्य में स्थानीय यूनिट या जिला पुलिस को राज्य के साइबर विभाग को पत्र लिखना होता है. यह विभाग एक्स और मेटा जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और पुलिस के बीच संपर्क के लिए नोडल एजेंसी का काम करता है. मेटा ही फेसबुक और इंस्टाग्राम का मालिक है.

इन वीडियो के जरिए किस तरह वास्तविक स्थिति को बदला जा रहा है, इसका एक उदाहरण कपूरथला के फगवाड़ा सब-डिविजन में LPU कैंपस में पुलिस की तैनाती से सामने आया. अधिकारी ने कहा, “हमारी टीम इस ब्लॉक के प्रवेश द्वार पर तैनात थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त कर रही थी.”

अधिकारी ने कहा, “कुछ मिनट बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें बताया गया कि कुछ उपद्रवी इलाके में हथियार और ज्वलनशील पदार्थ लेकर घूम रहे थे. यह बिना किसी संबंध वाली जानकारी के साथ वीडियो के गलत इस्तेमाल का ऐसा मामला था, जिससे जमीन पर और ज्यादा परेशानी पैदा हो सकती थी.”

इस बीच, पुलिस ने LPU कैंपस में यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर रेप की शिकार हुई महिला छात्रा की पहचान पता करने के लिए जांच तेज कर दी है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि निगरानी कैमरों की फुटेज की जांच की गई है और जिन कमरों को कथित घटना की जगह बताया गया है, वहां रहने वाले छात्रों से पूछताछ की गई है. उन्होंने यह भी माना कि अभी तक कथित घटना, पीड़िता या आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है.

इस बीच, अधिकारियों का कहना है कि रविवार शाम यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई हिंसा की वजह और इसके पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए अलग से जांच शुरू की गई है. इस हिंसा में कम से कम पुलिसकर्मी घायल हुए थे और करीब आधा दर्जन पुलिस वाहनों को जला दिया गया था. अब तक की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हिंसा में कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ उसी इलाके में रहने वाले यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र भी शामिल थे.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हिंसा करने वाले सभी लोगों की पहचान की जाएगी और कानून की उचित धाराओं के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. शिकायतों के नाम पर कानून-व्यवस्था तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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