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Wednesday, 30 September, 2026
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राहुल ने उठाया बेला एस्टेट का मामला: SIR के बाद दिल्ली की झुग्गी बस्ती में सिर्फ 1 वोटर कैसे बचा?

यमुना के पश्चिमी किनारे पर बसे इस झुग्गी-बस्ती इलाके में 2000 के दशक से अब तक एक दर्जन से ज़्यादा बार तोड़-फोड़ की कार्रवाई हो चुकी है. लोग अक्सर उस ज़मीन पर दोबारा कब्ज़ा कर लेते थे और फिर से अपनी झुग्गियां बना लेते थे.

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नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में यमुना के बाढ़ वाले इलाके में बने झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर का दौरा किया. यहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद सभी वोटरों के नाम हटा दिए गए, सिर्फ एक वोटर का नाम बचा. यह क्लस्टर चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के बेला एस्टेट इलाके में है.

बेला एस्टेट इलाका “पार्ट नंबर 38” में आता है, जिसे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ‘लाल किला यमुना ब्रिज’ कहा गया है. अगस्त में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में इस पोलिंग स्टेशन पर सिर्फ महंत कंचन गिरि का नाम था. उनके पिता के नाम की जगह ‘चेला महंत मुनेश्वर गिरि’ लिखा है. वह विजय घाट के पास बेला रोड पर बने परमार्थम हनुमान मंदिर के महंत हैं.

हर विधानसभा क्षेत्र में वोटरों को वोटर लिस्ट के अलग-अलग “पार्ट” में बांटा जाता है और हर पार्ट के वोटर उसी “पार्ट” के लिए बनाए गए पोलिंग स्टेशन पर वोट देते हैं.

राहुल गांधी ने झुग्गी में रहने वाले उन लोगों से बातचीत का वीडियो X पर शेयर किया, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. उन्होंने लिखा: “ये लोग दशकों से यहां रह रहे हैं. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनाव में वोट दिया है. 2023 में उनके घर तोड़ दिए गए थे, लेकिन वे कहीं नहीं गए, वे अभी भी यहीं हैं.”

कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, “यह SIR नहीं है, यह वोट चोरी करने का तरीका है. जिन लोगों के पास पहले से ही सबसे कम ताकत है, उनसे उनकी इकलौती ताकत भी छीनी जा रही है. ज्ञानेश कुमार चले जाएंगे. लेकिन जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसे भी जवाब देना होगा.”

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आने से पहले बेला एस्टेट के लोगों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा, इसे याद करते हुए वहां रहने वाले कमल लाल ने दिप्रिंट से कहा, “मैं यहीं पैदा हुआ हूं. मेरे दादा 1913 में यहां आए थे और मेरे पिता की उम्र अब करीब 70 साल है. मेरा जन्म 1986 में हुआ था. हम वहां खेती करते आ रहे हैं… हमें कहा गया कि हम अतिक्रमण करने वाले हैं, फिर भी हमने 500 से ज्यादा नामांकन फॉर्म जमा किए.”

कमल लाल ने कहा, “उन्होंने हमें फॉर्म जमा करने की कोई रसीद या रिसीविंग नहीं दी, लेकिन फॉर्म जमा करने से पहले मैंने सभी फॉर्म की फोटो कॉपी कर ली थी.” कमल लाल दूसरे लोगों को भी नामांकन फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं. पोलिंग स्टेशन पर बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने की चिंता सामने आने के बाद चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने 18 और 20 सितंबर को इलाके में विशेष कैंप लगाए.

इन कैंपों के बाद नए वोटरों के नाम जोड़ने के लिए कुल 496 फॉर्म-6 जमा किए गए.

‘इंदिरा के समय से वोट दिया है’

बेला एस्टेट में दिप्रिंट की मुलाकात 66 साल की रमेश्वरी से हुई. उन्होंने तुरंत ECI का दिया हुआ अपना पहचान पत्र और EPIC नंबर दिखाया. उन्होंने कहा, “मुझे यह भी याद नहीं कि मैं यहां कब आई थी. मेरी शादी यहीं हुई थी.”

पोलिंग स्टेशन की ASDD (Absent, Shifted, Dead और Duplicate) लिस्ट में रमेश्वरी को “स्थायी रूप से दूसरी जगह चली गई” बताया गया है.

Rameshwari, 66, marked as “permanently shifted” in the ASDD list, with a photocopy of her ECI identity card | Apoorva Mandhani/ThePrint
रमेश्वरी, 66 साल, जिन्हें ASDD लिस्ट में “स्थायी रूप से दूसरी जगह चली गई” बताया गया है, अपने ECI पहचान पत्र की फोटो कॉपी के साथ | अपूर्वा मंधानी/दिप्रिंट

बेला एस्टेट में रहने वाली 65 साल की चांदरी ने भी तुरंत अपने पहचान से जुड़े दस्तावेज दिखाए. उन्हें भी ASDD लिस्ट में “स्थायी रूप से दूसरी जगह चली गई” बताया गया है.

यमुना के पश्चिमी किनारे पर बनी इस झुग्गी बस्ती में 2000 के दशक से अब तक एक दर्जन से ज्यादा बार तोड़फोड़ की कार्रवाई हो चुकी है, ऐसा लैंड कॉन्फ्लिक्ट वॉच के अनुसार है. गीता कॉलोनी ब्रिज के पास स्थित इस इलाके में 2023 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने भी तोड़फोड़ की थी.

हालांकि, हर बार लोग जमीन पर वापस आ जाते थे और फिर से अपनी झुग्गियां बना लेते थे.

कमल लाल ने कहा, “हमने अपने घरों पर कई बार बुलडोजर चलते देखे हैं, लेकिन पिछले 1 से 1.5 साल में कोई तोड़फोड़ नहीं हुई है. हमने पिछले हर चुनाव में वोट दिया है.”

बेला एस्टेट में रहने वाले एक और व्यक्ति, 84 साल के राम चरण ने कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी सब्जी मंडी में काम किया. उन्होंने कहा, “मैं बचपन से यहां हूं. मैंने अपने बच्चों की शादी यहीं की है. मैंने इंदिरा गांधी के समय से वोट दिया है.” उनके हाथ में 500 से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म थे, जिन्हें लोगों ने SIR की प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने से पहले भरा था.

Ram Charan, 84, clutching photocopies of enumeration forms submitted by residents of Bela Estate | Apoorva Mandhani/ThePrint
राम चरण, 84 साल, बेला एस्टेट के लोगों द्वारा जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म की फोटो कॉपी हाथ में लिए हुए | अपूर्वा मंधानी/दिप्रिंट

राम चरण और कमल लाल दोनों के नाम CEO, दिल्ली द्वारा जारी ASDD लिस्ट में “स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए” बताए गए थे. अब दोनों ने नए वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6 जमा किया है.

909 से 729 से 1

चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग स्टेशन नंबर 38 से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने का मुद्दा पहली बार इसी महीने नागरिक समूह ‘वोटर अधिकार मंच’ की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया.

आरोप लगाया गया कि गीता कॉलोनी ब्रिज के नीचे झुग्गियों में रहने के बावजूद वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए.

मीडिया में यह भी खबर आई थी कि बेला एस्टेट इलाके की जमीन को असिता वेस्ट के लिए वापस लिया जा रहा है, जो प्रस्तावित रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के 10 हिस्सों में से एक है.

Path leading to Bela Estate under Geeta Colony bridge | Apoorva Mandhani/ThePrint
गीता कॉलोनी ब्रिज के नीचे बेला एस्टेट जाने का रास्ता | अपूर्वा मंधानी/दिप्रिंट

जनवरी 2025 में, दिल्ली चुनावों से पहले हुई नियमित स्पेशल समरी रिवीजन प्रक्रिया के ठीक बाद, इस पोलिंग स्टेशन में 909 वोटर थे. उस समय चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में इसका नंबर 33 था. लेकिन अगस्त 2026 तक वोटरों की संख्या घटकर 729 हो गई.

11 अगस्त 2026 को इस पोलिंग स्टेशन के लिए बूथ लेवल एजेंट (BLA) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की बैठक हुई थी. बैठक के मिनट्स के अनुसार, SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले वोटर लिस्ट में कुल 729 वोटर थे.

मिनट्स में कहा गया कि घर-घर जाकर किए गए दौरे के दौरान सिर्फ एक एन्यूमरेशन फॉर्म मिला. मिनट्स में यह भी बताया गया कि बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े सिर्फ एक BLA और BLO गरिमा आर्या मौजूद थीं.

इसके बाद मिनट्स में कहा गया कि घर-घर जाकर की गई जांच के आधार पर ECI के निर्देशों के अनुसार जमा न हो पाने वाले एन्यूमरेशन फॉर्म की एक लिस्ट तैयार की गई. इन मिनट्स में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, एक वोटर को अनुपस्थित, 632 को दूसरी जगह चले गए, 42 को मृत, 10 को डुप्लीकेट और 43 को ‘अन्य’ कैटेगरी में रखा गया. ‘अन्य’ कैटेगरी में वे लोग शामिल थे जिन्होंने एन्यूमरेशन फॉर्म पर साइन करने से मना किया या जिनके घर तोड़ दिए गए थे.

हालांकि, इस पोलिंग स्टेशन के लिए आधिकारिक तौर पर अपलोड की गई ASDD वोटर लिस्ट में सिर्फ 333 वोटरों का जिक्र है. इनमें 110 को ‘स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए’, 208 को ‘पता नहीं चला/अनुपस्थित’ और 14 को मृत बताया गया है.

ERO के जवाब

इन चिंताओं के जवाब में चांदनी चौक के ERO कार्यालय ने 10 सितंबर को एक प्रेस नोट जारी किया. इसमें कहा गया कि बेला एस्टेट के मामले में पहले के स्टेशन 33 से जुड़ी वोटर लिस्ट में ज्यादातर वोटरों का पता “कृषि” दर्ज था, जबकि सिर्फ कुछ वोटरों के लिए ही घर के नंबर दर्ज थे.

प्रेस नोट में कहा गया कि इस पार्ट के तहत आने वाला इलाका यमुना नदी के पश्चिमी किनारे पर था और इस इलाके में रहने वाले बड़ी संख्या में वोटर यमुना बैंक और उसके आसपास खेती से जुड़े काम करते थे.

प्रेस नोट में आगे कहा गया, “इस इलाके में खेती और अवैध खेती का काम 2021 में बंद हो गया था और यहां मौजूद रहने वाली झोपड़ियों और दूसरे घरों को 2022-23 में तोड़ दिया गया था. इसके कारण पहले के वोटर रिकॉर्ड तैयार होने के बाद से इस इलाके की भौतिक और रहने की स्थिति में काफी बदलाव आया है.”

प्रेस नोट में दावा किया गया कि घरों को तोड़े जाने के कारण ये वोटर अब वोटर लिस्ट में दर्ज अपने पते पर नहीं रह रहे थे.

“इसलिए RP Act, 1970 की धारा 20(7) और Manual of ER में दिए गए निर्देशों के अनुसार ‘Ordinary Resident’ के तौर पर उनकी स्थिति बदल गई है. इसलिए मौजूदा निर्देशों के तहत BLO ने इन वोटरों को ASDD लिस्ट में रखना सही तरीके से किया है,” इसमें कहा गया. इसमें यह भी बताया गया कि वोटर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि के दौरान नए वोटर के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं.

Kamal Lal talking at the ‘Voter Adhikar Manch’ press conference in New Delhi on 8 September, 2026 | Apoorva Mandhani/ThePrint
हनुमान मंदिर का परिसर, जहां पोलिंग स्टेशन का एकमात्र वोटर महंत कंचन गिरि रहते हैं | अपूर्वा मंधानी/दिप्रिंट

18 सितंबर को जारी एक और प्रेस नोट में ERO ने कहा कि इलाके के कुछ वोटर गीता कॉलोनी ब्रिज के नीचे अस्थायी तिरपाल के टेंट में चले गए थे.

इसमें कहा गया कि 18 और 20 सितंबर को बेला एस्टेट में विशेष कैंप लगाए गए और कुल 496 फॉर्म-6 जमा हुए.

चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में कुल 132 पोलिंग स्टेशन हैं. 2026 में भी पोलिंग स्टेशन नंबर 38 के तहत आने वाली बस्तियों की संख्या और नाम 2025 जैसे ही रहे. इनमें शिव मंदिर, बागीची, तेजपाल, दरिया गंज और JJ बेला एस्टेट (विजय घाट) शामिल हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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