चांदना का यह ट्वीट उस समय सामने आया है जब पिछले हफ्ते ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री गहलोत को भेजा है.
चार मूल सदस्य या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या उन्होंने जी-23 से दूरी बना ली है. और ऐसा लगता है कि बाकी लोगों में से कई ने आलाकमान के साथ समझौता कर लिया है.
केंद्र सरकार ने इस कदम की निंदा की और कहा कि वो पश्चिम बंगाल कैबिनेट के फैसले के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देशों को देखेगी.
विपक्षी नेताओं के साथ केसीआर की बैठक भाजपा विरोधी नेताओं को एक साथ लाने और 2024 के आम चुनावों से पहले तीसरा मोर्चा बनाने के उनके प्रयास का एक हिस्सा है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री, जिन्होंने चिंतन शिविर में हिस्सा नहीं लिया था, 16 मई को कांग्रेस को भी अलविदा कह दिया. जी-23 नेताओं में से एक कपिल सिब्बल 2020 से कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ आवाज़ उठाते रहे हैं.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है