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Wednesday, 9 September, 2026

आशुतोष वार्ष्णेय

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मत-विमत

भागवत के समय में भी हिंदुत्व का दोहरा मकसद—हिंदू वर्चस्व और मुसलमानों को दूसरे दर्जे पर रखना

क्या भागवत के नेतृत्व में हिंदुत्व नरम हुआ है? खास तौर पर, क्या आज यह मुसलमानों को दूसरे भारतीयों की तरह स्वीकार करता है, बजाय इसके कि उन्हें देश से बाहर निकालने या खत्म करने की कोशिश करे?

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सांप के काटने से युवक की मौत : सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

नई दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में सांप के काटने के बाद इलाज नहीं हो पाने...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

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