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Sunday, 19 April, 2026
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ये मंदी अलग है और पहले के मुकाबले भारत कहीं ज़्यादा तेजी से वापसी कर सकता है

इस बार की मंदी अर्थव्यवस्था में निहित कमज़ोरियों, या तेल के झटकों जैसे कारणों से नहीं आई है. ये समकालिक भी है. इससे भारत की रिकवरी तेज़ हो सकती है.

समाजवादी विचारों वाली जेसिंडा आर्डन जिसने न्यूजीलैंड को दुनिया में सबसे पहले कोरोना मुक्त कराया

न्यूजीलैंड ने कोरोना संक्रमण के खिलाफ पहले दौर की लड़ाई जीत ली है. ये उपलब्धि उसने एक ऐसी नेता के नेतृत्व में हासिल की है जो मानवीय संवेदना और कुशल प्रशासन के लिए जानी जाती हैं.

एलएसी पर टकराव को लेकर मोदी की चुप्पी चीन को ही फायदा पहुंचा रही है, भारत को अपना रुख बदलना होगा

पूर्वी लद्दाख में अभी टकराव बना रह सकता है. दोनों पक्षों ने ’कदम थोड़ा पीछे खींच कर' पहल कर दी है, जिसका अर्थ यह होगा कि अब हाथापाई और धक्कामुक्की शायद नहीं होगी. लेकिन सरकार के लिए अभी रास्ता लंबा है इसलिए उसे अपने राजनीतिक और फौजी लक्ष्य स्पष्ट कर लेने चाहिए.

कपिल मिश्रा से लेकर पायल रोहतगी तक भारत के ‘नए बुद्धिजीवी’ पुराने चिंतकों को अप्रसांगिक बना रहे हैं

क्या अरुंधति रॉय, रामचंद्र गुहा या फिर प्रताप भानु मेहता कभी लोगों को एक साल में इतना 'इतिहास और विज्ञान' पढ़ लेने और 'शिक्षित' करने के लिए प्रेरित कर सकते?

बालाकोट, ब्लैकआउट, और आईएएफ़: जब इमरान ख़ान की उड़ाई अफ़वाहों को नहीं रोक पाए पाकिस्तानी लोग

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान एक साल से ऊपर से, भारत की तरफ़ से झूठे फ्लैग ऑपरेशन का इंतज़ार कर रहे हैं. मई में उन्होंने दो बार भारत के हमले की संभावना जताई.

सरकार के दायित्वों का विकल्प नहीं है व्यक्तिगत करुणा, दया और दान

सरकार के फैसले से जिन करोड़ों लोगों की आजीविका छिन जाती है, उनके लिए न केवल रोजी-रोटी के इंतजाम, बल्कि मुआवजा देने की व्यवस्था सरकार को ही क्यों नहीं करनी चाहिए?

भारत में ‘गन्स, जर्म्स और स्टील का संकट’ है, लेकिन भारतीय उद्योग जगत ख़ामोश है

भारतीय उद्योग ने निजी तौर पर, आवाज उठाने के लिए राजीव बजाज की प्रशंसा की, लेकिन लॉकडाउन के लिए मोदी सरकार की आलोचना करने की बजाय, पूरे तीन महीने नुक़सान सहना पसंद किया.

मोदी सरकार के झटपट लाए गए तीन अध्यादेशों से खेती को तो फायदा हो सकता है पर किसानों को नहीं

अगर सरकार किसानों के फायदे के लिए खेती-बाड़ी से संबंधित कानूनों में सचमुच ऐतिहासिक बदलाव ही लाना चाहती थी तो उसे इन कानूनों पर संसद और सर्वजन के बीच बहस और जांच-परख से कन्नी काटने की क्या जरूरत थी?

पाकिस्तान में सिंथिया रिचि के आरोप कोविड से बड़ा मुद्दा हैं, ऐसा ही इमरान खान चाहते भी हैं

कोरोना महामारी और आर्थिक संकट से निबटने में नाकाम हो रही इमरान खान सरकार और फौजी हुक्मरान लोगों के ध्यान भटकाने की पुरानी चाल आजमाने में जुटे.

ब्रिटेन में गुलाम व्यापारी कोल्सटन की मूर्ति टूट गई, भारत में अब मनु की मूर्ति का क्या होना चाहिए

कोल्सटन की तरह ही क्या दलितों, नीच कही जाने वाली जातियों और महिलाओं के लिए घृणा के पात्र मनु की मूर्ति को भी राजस्थान हाईकोर्ट परिसर से हटाकर उसी तरह नष्ट कर दिया जाए या पानी में या कूड़ेदान में फेंक दिया जाए, लेकिन नहीं, इतिहास के सबसे बुरे और क्रूर अध्यायों को भी शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए, बचाकर रखना चाहिए.

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मोदी से कहां चूक हुई: भारतीय सैकड़ों नए सांसद नहीं चाहते

अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.

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पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच मार्च में एलपीजी की खपत 13 प्रतिशत घटकर 23.79 लाख टन पर

नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी आपूर्ति दिक्कतों की वजह से भारत में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की खपत...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.