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Sunday, 19 April, 2026
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कोरोना काल क्या शास्त्रीय संगीत की तबीयत को भी बिगाडे़गा

कोरोना के प्रभाव से उत्पन्न ‘डिजिटल वायरस’ कहीं धीरे-धीरे भारतीय शास्त्रीय संगीत जैसी कला की तबीयत को बिगाड़ने का काम तो नहीं कर रहा?

जॉर्ज फ्लायड के बहाने भारत में हिंसक प्रदर्शन को इजाजत नहीं मिलनी चाहिए, ‘भीड़तंत्र का न्याय’ किसी भी राष्ट्र के हित में नहीं

अमेरिका में पुलिस हिरासत में जार्ज फ्लॉयड की हत्या निश्चित ही निंदनीय है और इसकी दुनिया भर में भर्त्सना हो रही है लेकिन इस पर आक्रोश व्यक्त कर रही जनता द्वारा हिंसा, आगजनी और लूटपाट बेहद चिंताजनक है.

अर्थव्यवस्था एवं विचारधारा की वजहों से भंग हो रहा युवाओं का मोह मोदी से

जिस युवा जोश की लहर पर नरेंद्र मोदी 2014 से ही सवार थे, वो कमज़ोर पड़ती जा रही है. मोदी सरकार के छह वर्षों...

मोदी के 3 पी, 5 टी जैसे शब्दों की बाज़ीगरी, गंभीर विचारों और उपायों की जगह नहीं ले सकते

असली अर्थनीति ऐसे प्रश्नो पर फैसला करने में निहित है कि पैसा सीधे लोगों के खाते में डाला जाए या उसे आर्थिक वृद्धि के लिए निवेश किया जाए, और इस तरह के फैसले तुकबंदियां करके टाले नहीं जा सकते.

एक वायरस ने सबको बांट दिया है- ऐसा क्यों लग रहा कि महामारी पर भारत में कोई कंट्रोल में नहीं

कोरोना महामारी पर सारी बहस वैचारिक खेमों के हिसाब से बंटी दिखाई देती है, भाजपा के बड़े नेता अपने संकीर्ण राजनीतिक हित साधने के लिए इस विभाजन का फायदा उठा रहे हैं, और कुल मिलाकर यही लग रहा है की हालात किसी के काबू में नहीं है.

दिल्ली में कोविड पर नाकामी को लेकर अरविंद केजरीवाल के पास ख़त्म हुए बहाने

आप सरकार सोचती थी कि आंकड़ों से छेड़ख़ानी करके, वो कोविड पर क़ाबू कर लेगी, लेकिन जब शवों के ढेर लग जाएं, तो फिर आंकड़ों से फर्क़ नहीं पड़ता.

आरक्षण प्रणाली को लेकर उठ रही शिकायतों के बाद क्या इसकी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है

समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करने के लिए उठाया गया कोई भी कदम नैतिक रूप से सही होता है, चाहे वह समानता के सिद्धांत के खिलाफ ही क्यों न हो.

कोरोना काल में भारतीय उपभोक्ता कुबलर रॉस मॉडल की तरह पांच दौरों से गुज़रा- जानिए इस सफर को

कुबलर-रॉस मॉडल को महामारी के दौरान आसानी से भारतीय उपभोक्ताओं पर लागू किया जा सकता है. ब्रांड्स को पता होना चाहिए कि वे किसके साथ काम कर रहे हैं.

तिब्बत की दुविधा 70 वर्षों से बरकरार है, इन 4 उपायों से मोदी वो कर सकते हैं जो नेहरू नहीं कर सके

शी जिनपिंग का चीन अपनी ‘दाहिनी हथेली’– तिब्बत को माओत्से तुंग का दिया नाम की ‘पांच अंगुलियों’ लद्दाख, सिक्किम, भूटान, नेपाल और अरुणाचल प्रदेश को हासिल करना चाहता है.

ये मंदी अलग है और पहले के मुकाबले भारत कहीं ज़्यादा तेजी से वापसी कर सकता है

इस बार की मंदी अर्थव्यवस्था में निहित कमज़ोरियों, या तेल के झटकों जैसे कारणों से नहीं आई है. ये समकालिक भी है. इससे भारत की रिकवरी तेज़ हो सकती है.

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ईरान पर ट्रंप-नेतन्याहू का दांव: क्या फिर लौट रही है ‘रिजीम चेंज’ की नीति?

अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है

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अभिनेता मनियनपिल्ला राजू को राहत मिली, हादसे के समय नशे में नहीं पाए

तिरुवनंतपुरम, 19 अप्रैल (भाषा) ‘हिट एंड रन’ मामले में आरोपी अभिनेता मनियनपिल्ला राजू के रक्त परीक्षण के नतीजों से पता चला है कि...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.