अभी तक भारत में करवाया जाने वाला स्वैच्छिक टीकाकरण काफी हद तक समाज के संपन्न वर्गों तक ही सीमित रहा है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इस बात को महसूस करने के बाद कि कोविड के टीके लगवाने से क्या फर्क पड़ सकता है, लोगों का नजरिया बदल रहा है.
यूएसएफडीए ने एक बयान में कहा कि चेन्नई स्थित कंपनी इजरीकेयर, एलएलसी और डेलसैम फार्मा द्वारा उपभोक्ता स्तर पर वितरित की जा रही ‘आर्टिफिशियल टियर्स ल्यूब्रीकैंट’ आईड्रॉप को संभावित खामी के चलते वापस ले रही है.
सुनील बताते हैं कि जब उन्होंने यह कार्यक्रम शुरू किया था और महिलाएं चार्ट घरों में लगाती थीं तो कई बार घर के ही सदस्य इन्हें फाड़ देते थे और पीरियड चार्ट को ऐसे घर पर लगाना सही नहीं मानते थे.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए इस बार कुल आवंटन 89,155 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल के 86,200 करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में 0.34% अधिक है.
भारत बायोटेक के पहले जारी एक बयान के अनुसार ‘इनकोवैक’ की कीमत निजी क्षेत्र के लिए 800 रुपये और भारत सरकार तथा राज्य सरकारों को आपूर्ति के लिए 325 रुपये है.
राज्य के आंकड़ों के अनुसार, प्रारंभिक रेफरल केंद्रों के जरिए अधिक संस्थागत जन्म हुए हैं, लेकिन नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में देखभाल करने वालों के लिए इलाके और कनेक्टिविटी की कमी सबसे बड़ी चुनौती है.
यूके के रोगियों को जल्द ही इस डिवाइस के तहत कवर किया जा सकता है, जो ब्लड ग्लूकोज को मापता है, आवश्यक इंसुलिन की मात्रा की गणना करता है और फिर उसी सटीक मात्रा को रक्त प्रवाह में पंप करता है.
मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.