मुंबई: महाराष्ट्र में चुनाव आयोग द्वारा होने वाली संभावित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से पहले, भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे राज्य में अपना खुद का SIR जैसा अभ्यास कर रही है.
पार्टी ने दो महीने पहले पूर्व सांसद किरीट सोमैया के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई थी, जो यह काम कर रही है.
कई बैठकों, साइट विजिट और वोटर लिस्ट की जांच के बाद इस कमेटी ने महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में से 30 सीटों की एक लिस्ट बनाई है, जहां 2009 से 2026 के बीच वोटरों की संख्या में 40 प्रतिशत से ज्यादा “असामान्य” बढ़ोतरी हुई है. 2009 को आधार वर्ष इसलिए लिया गया क्योंकि उसी समय पिछली डिलिमिटेशन प्रक्रिया पूरी हुई थी और सीटों की सीमाएं तय हुई थीं.
सोमैया ने दिप्रिंट को बताया कि ये सभी 30 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है. कुल मिलाकर 38 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत से ज्यादा है.
उन्होंने कहा, “अगर आप कुछ शहरी, ज्यादातर हिंदू क्षेत्रों वाली सीटों को देखें, तो वहां वोटरों की संख्या में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है. लेकिन कुछ मुस्लिम बहुल सीटों जैसे मालेगांव, मुंब्रा, मालवणी, मानखुर्द-शिवाजीनगर, सिल्लोड, अकोला, अमरावती में वोटरों की संख्या 30-40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है, कुछ जगहों पर तो लगभग दोगुनी हो गई है.”
सोमैया ने कहा कि इस SIR कमेटी का काम यह सुनिश्चित करना है कि सभी “अवैध बांग्लादेशी वोटरों” के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएं.
उन्होंने कहा, “इसके अलावा हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि सभी नए योग्य वोटरों को जोड़ा जाए. साथ ही हमें अपने कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करनी है ताकि वे जमीन पर SIR प्रक्रिया में मदद कर सकें.”
सोमैया के अलावा इस कमेटी में करीब 12 सदस्य हैं, जिनमें राज्यसभा सांसद भागवत कराड, विधायक रंधीर सावरकर और मंगेश चव्हाण, और पूर्व विधायक सुनील राणे शामिल हैं.
फरवरी में चुनाव आयोग ने कहा था कि SIR का अगला चरण, जिसमें महाराष्ट्र शामिल है, अप्रैल से शुरू होगा.
BJP का ‘अपना SIR’
11 फरवरी को कमेटी बनने के बाद से सोमैया ने 46 दौरे किए हैं, जहां उन्होंने वोटर लिस्ट की जांच की और जिला स्तर के BJP कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं.
उन्होंने अपने कुछ निष्कर्ष सोशल मीडिया पर भी साझा किए हैं. मंगलवार को उन्होंने ‘X’ पर पोस्ट करके कहा कि बुलढाणा के चिखली विधानसभा क्षेत्र में “हजारों फर्जी वोटरों के नाम” हैं. इसके साथ उन्होंने समान मुस्लिम नामों की एक सूची भी साझा की.
इसी तरह सोमवार को उन्होंने पोस्ट किया कि “मालेगांव और धुले की वोटर लिस्ट में 18,000 वोटर ऐसे हैं जिनके नाम एक जैसे या मिलते-जुलते हैं.”
#SIR in Maharashtra
18,000 Voters Names Same/Similar in the Voters Lists of Malegaon & Dhule.
They are
NABEEL AHMAD ANSARI
NABEEL AHMAD ANSARI
MOMIN MOHAMMAD
SHABANAM PINAJARI
SHAHRUKH PINJARI
NADIMUDDIN SHAIKH
SHAIKH DANISH
SHAIKH DANISH
SHAHID SHEKH
SHAIKH DANISH
SHAIKH… pic.twitter.com/Vrf90RCT7B— Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) April 13, 2026
उन्होंने कई मुस्लिम नामों के उदाहरण भी दिए. इसके साथ उन्होंने 2024 का एक पत्र भी साझा किया, जो BJP के धुले विधानसभा क्षेत्र प्रमुख अनिल अग्रवाल ने जिला कलेक्टर को लिखा था. इसमें मालेगांव सेंट्रल और धुले सिटी की वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नामों की शिकायत की गई थी.
पत्र में कहा गया कि “कुछ मामलों में एक फोटो पुरानी उम्र का है और दूसरा नया है. कुछ में कपड़े अलग हैं. कुछ में दाढ़ी, चश्मा या टोपी जैसे छोटे बदलाव हैं.”
सोमैया ने कहा कि महाराष्ट्र में प्रजनन दर 1.4 से 1.6 के बीच है, जो काफी कम है, इसलिए 2009 से 2026 के बीच वोटरों की संख्या में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए. लेकिन कुछ सीटों पर यह असामान्य रूप से बढ़ी है.
उन्होंने कहा कि एक कारण माइग्रेशन हो सकता है और दूसरा फर्जी तरीके से नाम जोड़ना.
उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में माइग्रेशन ज्यादा नहीं होता. मुंबई में भी माइग्रेशन लगभग स्थिर है. हमने देखा है कि मुंबई की चार हिंदू बहुल सीटों—मुलुंड, दहिसर, चेंबूर, विले पार्ले—में 2009 और 2024 के बीच वोटरों की संख्या लगभग समान है.”
“लेकिन मुंब्रा कलवा जैसी सीट पर 2009 में 2.79 लाख वोटर थे, जो बढ़कर 4.89 लाख हो गए हैं. मानखुर्द, चांदिवली, कुर्ला, मालवणी में मुस्लिम इलाकों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. BJP SIR कमेटी का काम है कि वह इस असामान्य बढ़ोतरी का अध्ययन करे और पता लगाए कि ये वोटर कहां से आए हैं.”
कमेटी के सभी सदस्यों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है ताकि वे वोटर लिस्ट की जांच करें और अपनी टीम तैयार करें. उन्हें जिला स्तर पर SIR कमेटी बनाने और हर विधानसभा क्षेत्र में वर्कशॉप आयोजित करने को कहा गया है.
हर बूथ स्तर पर भी BJP अपनी तरफ से एक कार्यकर्ता नियुक्त कर रही है, जो चुनाव आयोग के ब्लॉक लेवल अधिकारियों के साथ समन्वय करेगा जब SIR शुरू होगा.
सोमैया ने कहा, “हमने 80 प्रतिशत नियुक्तियां पूरी कर ली हैं. हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग के SIR शुरू करने से पहले हमारा पूरा ढांचा तैयार हो जाएगा. जब सभी बूथ स्तर के लोग तैयार हो जाएंगे, तब हम घर-घर सर्वे भी शुरू करेंगे.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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