ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सांख्यिकी संबंधी नवीनतम रिपोर्ट में सर्जन की 78.9%, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों की 69.7%, फिजीशियन की 78.2% और बाल रोग विशेषज्ञों की भी 78.2% कमी होने की बात सामने आई है.
लखनऊ में नगर निकाय की तरफ से चिता के लिए अतिरिक्त लकड़ी जुटाने और विद्युत शवदाह गृह की व्यवस्था करने में पूरी ताकत झोंक दी गई है. डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों में गंभीर मरीजों की संख्या भी बहुत ज्यादा बढ़ गई है.
राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले सरकार से आग्रह किया था कि विदेश में निर्मित टीकों के भारत में उपयोग को अनुमति दी जाए. इसके बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उन पर विदेशी कंपनियों के लिए लॉबिंग करने का आरोप लगाया था.
बहुत से भाजपा नेताओं ने उन सूबों में जहां पार्टी सत्ता में है, अब सरकारी अधिकारियों पर दोष मढ़ना शुरू कर दिया है कि वो मरीज़ों को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया नहीं करा पा रहे हैं.
नीति आयोग के डॉ वीके पॉल ने कई राज्यों में रेमडिसिविर की मांग की खबरों को ‘चिंताजनक’ बताया है और कहा है कि अगर ठीक से इस्तेमाल की जाए, तो इस दवा की कोई कमी नहीं है.
3-8 अप्रैल के बीच महाराष्ट्र में हर रोज़ कोविड वैक्सीन के 4 लाख से अधिक डोज़ लगाए गए. लेकिन 9-11 अप्रैल के बीच ये संख्या घटकर, 2.5 लाख से कुछ कम रह गई.
निरंजनी अखाड़े के महंत नरेंद्र गिरी के अलावा अन्य अखाड़ों से जुड़े कई अन्य संत भी कोविड-19 की चपेट में आए हैं. नए मामलों को मिलाकर अब तक दोनों अखाडों में कुल नौ संत कोविड-19 पीड़ित पाए गए हैं .
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.