कोविड टेस्ट नतीजे आने में लगने वाले लंबे समय से लेकर रेमडिसिविर और अस्पताल में जगह हासिल करने तक में आ रही मुश्किलों को देखते हुए मरीजों के परिवार ही नहीं, डॉक्टर तक कहने लगे हैं कि हालात बदतर होते जा रहे हैं.
आरडीआईएफ ने एक बयान में कहा कि करीब तीन आबादी वाले देशों में वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है और भारत स्पुतनिक वी को मंजूरी देन वाला 60वां देश है.
संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार 34वें दिन हुई बढ़ोतरी के बीच देश में उपचाराधीन लोगों की संख्या बढ़कर 12,64,698 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 9.24 प्रतिशत है.
देश में कोविड के प्रभावी रिप्रोडक्शन नंबर पर नज़र रख रहे एक्सपर्ट का कहना है, कि अगर महामारी की स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो भारत की आर वैल्यू बढ़ सकती है. फिलहाल, यूपी की आर वैल्यू सबसे अधिक है.
देश में कोरोना संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 90 प्रतिशत से भी कम रह गई है. आंकड़ों से पता चला है कि देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 12 लाख से अधिक हो गई है तथा 904 और लोगों की मौत हो गई है.
सीएम ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा, 'दिल्ली में कोरोनावायरस संक्रमण की स्थिति बहुत गंभीर स्तर पर पहुंच गई है, वायरस की चौथी लहर नवंबर 2020 से कहीं अधिक खतरनाक है.'
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.