इंडियन पीडियाट्रिक कोविड स्टडी ग्रुप ने पिछले साल, मार्च और नवंबर के बीच, 402 कोविड ग्रस्त बच्चों पर नज़र रखी, और पाया कि केवल 9.7% मामले गंभीर थे, जबकि 13% बच्चे बीमारी से मौत का शिकार हो गए.
21 जून को देश में बड़े पैमाने पर टीकाकरण हुआ राज्यों और संघ शासित प्रदेशों ने यह प्रदर्शित किया है कि अगर वैक्सीन की उपलब्धता रहे और केंद्र सरकार का सहयोग मिलता रहे तो राज्य खुद बड़े पैमाने पर टीकाकरण कर सकते हैं.
दूसरी लहर से प्राप्त डेटा के आधार पर आईआईटी की टीम ने कोविड के तीन सिनैरियो के बारे में बताया है. इस मॉडल में माना गया है कि 15 जुलाई तक पूरी तरह से लॉकडाउन हट जाएगा. वैक्सीनेशन को ध्यान में नहीं रखा गया है.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.