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Sunday, 19 April, 2026
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मोदी की डोकलाम त्रिमूर्ति जयशंकर-डोभाल-रावत ने उन्हें निराश किया है लेकिन उनके पास अभी विकल्प बाकी हैं

शनिवार को एक दुर्लभ घटना हुई— सरकार ने शुक्रवार की सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों पर स्पष्टीकरण जारी किया. यह उनकी इस टिप्पणी की ‘शरारात भरी व्याख्या’ का खंडन था कि 'हमारी जमीन पर कोई घुसपैठ नहीं हुई है'.

एलएसी पर मोदी की सर्वदलीय बैठक विपक्ष को ख़ामोश करने के लिए थी, खुली चर्चा के लिए नहीं

ऐसा लगता है कि मोदी सरकार इस हालिया कूटनीतिक संकट से पीछा छुड़ाना चाह रही है, जो न सिर्फ चीन, बल्कि नेपाल के साथ भी खड़ा हो गया है.

भारत में जाति विरोधी आंदोलन को बढ़ावा देने लिए ब्लैक लाइव्स मैटर जैसी आग चाहिए, तभी वह मुख्य विलेन से लड़ पाएगा

भारत में एक राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन वक्त की ज़रूरत है, जातीय संबंधों में बदलाव लाने और मनु को मुख्य खलनायक का दर्जा दिलाने के लिए इस आंदोलन को 'कलर रिवॉल्यूशन' से प्रेरणा लेनी होगी.

संसद की बहसों की गंभीरता से लिया गया होता तो चीन को लेकर गफलत न होती

चीन की सीमा संबंधी हरकतों को लेकर कोई कह सकता है कि चीन ने हमें धोखा दिया. लेकिन सरकार और मीडिया ने संसद में इस बारे में बीसियों बार उठे सवालों को अगर गंभीरता से लिए होता, तो देश इस स्थिति के लिए तैयार होता.

कोरोना महामारी के बीच अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर संपूर्ण विश्व भारत की ओर देख रहा है

भारत के पास मौका है की कोरोना जैसे महासंकट में अपने प्राचीन ज्ञान योग को जाने, समझे और धारण करे, साथ ही साथ विश्व को भी इस विशेष ज्ञान योग के द्वारा मार्गदर्शन दे.

वैश्विक शांति और सद्भाव का प्रवेश द्वार है योग: रमेश पोखरियाल निशंक

योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का उपचार करने में मदद करता है बल्कि भावनात्मक और मानसिक सेहत भी सुधारता है. यह आपके जीवन में वर्षों को ही नहीं, आपके वर्षों में जीवन को भी जोड़ता है.

चीन के बारे में राममनोहर लोहिया के विचार बिल्कुल ठीक थे, वो न ही कट्टर थे और न ही आदर्शवादी

हिमालयी क्षेत्र के जो हिस्से भारत के इलाके में पड़ते हैं उनके बारे में लोहिया का ख्याल था कि यहां मुक्त लोकतांत्रिक राजनीति होनी चाहिए, स्थानीय लोगों की आर्थिक खुशहाली के काम होने चाहिए और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने के कदम उठाये जाने चाहिए.

शी ने मोदी के सामने चुनौती खड़ी कर दी है, नेहरू की तरह वो इसे स्वीकार ले या फिर नया विकल्प चुन सकते हैं

अपने पूर्ववर्तियों की तरह मोदी ने भी भारत-पाकिस्तान-चीन के त्रिशूल से मुक्त होने की कोशिश की मगर नाकाम रहे. अब आगे वे जो भी करना चाहेंगे उसका अर्थ होगा नए समझौते करना. 

चीन को आर्थिक नुकसान पहुंचाना है तो ध्यान से निशाना साधना होगा, कहीं भारत खुद को ही न चोट पहुंचा ले

चीन सालाना करीब 2.5 खरब डॉलर मूल्य का निर्यात करता है जिसमें भारत का हिस्सा महज 3 प्रतिशत है. चीन के पास 3 खरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है. अब आप ही अंदाजा लगा लीजिए कि उसके सामान के बहिष्कार के नारे लगाकर हम उसे कितनी चोट पहुंचा पाएंगे.

रेटिंग एजेंसियों पर सवाल उठाने की जगह कारणों पर विचार करें, यह पूरी इकोनॉमी का हेल्थ चेक-अप होता है

मूडीज ने कहा है कि भारत के बारे में उसकी मौजूदा रेटिंग का कोविड-19 से कोई लेनादेना नहीं है. भारत को लेकर उसका आकलन इसके पहले का है. आर्थिक सुधारों को आगे न बढ़ा पाने से भारत की रेटिंग खराब हुई है.

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ईरान पर ट्रंप-नेतन्याहू का दांव: क्या फिर लौट रही है ‘रिजीम चेंज’ की नीति?

अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है

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राजनीति

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विपक्ष ने प्रधानमंत्री के संबोधन की आलोचना की

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) विपक्षी नेताओं ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के लिए संबोधन की आलोचना करते हुए इसे राजनीति...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.