मोदी के आलोचक कहेंगे कि वे बस सीमेंट-इस्पात के ढांचे खड़े करते रहे, शासन की संस्थाओं को उन्होंने कमजोर कर दिया जबकि नेहरू ने उन्हें मजबूत किया, लेकिन नेहरू के कुछ विचार समय की कसौटी पर खरे नहीं उतरे.
जैनब आज भी नेहरू युवा केंद्र के साथ मेरठ और आस-पास के गांवों और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में जुटी है. और हां वो आज भी गांव की पहली लड़की है जिसने मास्टर्स पूरी की है.
गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं. द्रविड कोच और लक्ष्मण एनसीए के प्रमुख हैं. सर्वविजेता टेस्ट कप्तान कोहली अब निशाने पर क्यों हैं यह समझना मुश्किल है इसलिए तमाम क्रिकेटप्रेमी नाराज हैं.
अगर राहुल गांधी ‘हिंदू’ साधनों के जरिए कांग्रेस को अपनी जगह से खिसकाना चाहते हैं तो उन्हें धर्म और अपनी पार्टी के सुधार के एजेंडा की व्याख्या करनी होगी.
अदम गोंडवी अपनी गजलों की मार्फत साहित्य को मुफलिसों की अंजुमन, बेवा के माथे की शिकन, रहबरों के आचरण और रोशनी के बांकपन तक ले चलने का आह्वान करते देश भर में घूमते रहे.
इंटरनेट गुरु, सोशल मीडिया ब्लॉगर्स और उभरते हुए फिटनेस उत्साही, PCOS को ठीक करने के हज़ारों त्वरित उपाय लेकर आ रहे हैं, जिनमें सप्लीमेंट्स, हर्बल चाय और काढ़ा आदि शामिल हैं. उनके झांसे में न आएं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अगले चुनाव के लिए माहौल गरम हो रहा है, राजनीतिक दलों के नेता और उम्मीदवार अपनी चुनाव सभाओं के लिए लोक गायकों की बुकिंग करने लगे हैं.
किसान आंदोलन की जीत का जश्न किसी और वक्त में मना लिया जायेगा, अभी तो वक्त भारतीय कृषि के लिए एक नया, आत्मविश्वास से लबरेज और भविष्यदर्शी घोषणापत्र तैयार करने का है.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है