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Sunday, 19 April, 2026
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समलैंगिक विवाह का मामला कानूनी दांव-पेंच में फंसा, हिन्दू विवाह कानून पंजीकरण के विचार का विरोध शुरू

आज भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में समलैंगिक जीवन को तेजी से मान्यता मिलती जा रही है. विश्व के अनेक देशों में समलैंगिकता को हेय नज़रिये से नहीं देखा जाता है.

CBSE के मामले में गांधी परिवार ने मिसाल पेश की कि राजनीति सिर्फ वोट के लिए नहीं की जाती

सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा के प्रश्नपत्र में बेहद प्रतिगामी और महिला विरोधी टिप्पणी को संसद में एक अहम एजेंडा बनाकर सोनिया गांधी ने इस उम्मीद को मजबूत किया है कि राजनीति सिर्फ चुनाव जीतने के जुनून से आगे भी सोच सकती है.

नेहरू ने कहा था कि अतीत के रूमानीकरण से मसले नहीं होंगे हल, भारत को उन्हें फिर से पढ़ने की जरूरत

नेहरू ने इतिहास के प्रति जो नजरिया अपनाया उसे एक वामपंथी नजरिए के रूप में पढ़ना जटिल बातों का सरलीकरण करना है. देश को और उसकी विविधता को समझने के लिए, इन मामलों में नेहरू का जो नजरिया है उसकी आज बहुत जरूरत है.

जनरल बिपिन रावत के बाद नए CDS की नियुक्ति में देरी – क्या ये वफादारी की जांच का पैमाना है?

नए CDS के ऐलान में देरी इस कारण भी हो सकती है, कि राजनीतिक नेतृत्व तमाम योग्य रिटायर्ड और सेवारत अधिकारियों के बीच गहराई से तलाश कर रहा है.

बिपिन रावत से गलवान तक- किसमें व्यस्त रहा चीन और अपने मित्र क्यों खो रहा है ताइवान

चाइनास्कोप- दीवार के पीछे का सप्ताह वो सब कुछ है जो आप चीन में हो रही घठनाओं के बारे में जानना चाहते हैं.

पिछड़ा समाज सिर्फ झंडा उठाने वाला वर्ग नहीं, कांग्रेस से बहुजन महिलाओं के कुछ मारक सवाल

क्या कांग्रेस को पिछड़े वर्ग से आने वाली एक भी महिला में कोई काबिलियत नहीं दिखी. आज़ादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी अब तक ‘महिला मोर्चा’ अध्यक्ष पद के लिए कोई पिछड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला नहीं मिली ?

कांग्रेस के लिए एक और अमरिंदर बन सकते हैं गुलाम नबी आजाद, पीएम मोदी ने भी खोल रखे हैं दरवाजे

कांग्रेस में गांधी परिवार के वर्चस्व के साथ इतने लंबे समय तक सत्ता का लाभ उठाने वाले किसी व्यक्ति के लिए कांग्रेस छोड़ने की संभावना पर कुछ भी कहना अभी अटकलबाजी ही होगा.

मुट्ठी भर लोगों के चेहरों पर ही लाली, हम अब भी नहीं चेते तो ‘समस्याओं की जननी’ जानें और क्या-क्या गुल खिलाने लग जाए!

‘विश्व असमानता रिपोर्ट-2022‘ के अनुसार वर्ष 2021 में उसकी एक फीसदी आबादी के पास राष्ट्रीय आय का 22 फीसदी हिस्सा संकेन्द्रित हो गया है, जबकि निचले तबके के 50 फीसदी लोगों के पास महज 13 फीसदी हिस्सा बचा है.

ट्विटर को मिला भारतीय CEO, लेकिन कामयाबी की हरेक देसी कहानी को जश्न मनाने का मौका न मानें            

एकाधिकारवादी प्रवृत्तियां, टैक्स चोरी, दूसरों का बेजा फायदा उठाना, पैंतरेबाज़ नेताओं की चापलूसी—कॉर्पोरेट एनआरआइ के चैंपियनों को ऐसी कुछ बातों को लेकर सवालों के घेरे में माने जा सकते हैं .

क्यों ममता ने अडानी से मिल कर बंगाल में निवेश करने को कहा

ममता अडानी का हाथ जोड़कर स्वागत करती दिखती हैं तो लगता है कि पश्चिम बंगाल में धरती अपनी धुरी पर पूरे 360 अंश घूम गई है.

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ईरान पर ट्रंप-नेतन्याहू का दांव: क्या फिर लौट रही है ‘रिजीम चेंज’ की नीति?

अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है

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विपक्ष ने प्रधानमंत्री के संबोधन की आलोचना की

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) विपक्षी नेताओं ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के लिए संबोधन की आलोचना करते हुए इसे राजनीति...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.