हरियाणा में मिली तीसरी निर्णायक जीत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, हरियाणा का हृदय से आभार! भारतीय जनता पार्टी को एक बार फिर स्पष्ट बहुमत देने के लिए मैं हरियाणा की जनशक्ति को नमन करता हूं.
हरियाणा में लगभग सभी पोल्स्टर ने कांग्रेस को 50 से अधिक सीटें दी हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर में उन्होंने कांग्रेस-एनसी के बढ़त में रहने और भाजपा को 2014 के मुकाबले सीटों में कोई खास बढ़त नहीं मिलने का अनुमान लगाया है.
2024 में बीजेपी का हरियाणा चुनाव अभियान अलग किस्म का है, पोस्टरों में मोदी प्रमुख चेहरा नहीं है, और लगातार दो बार सत्ता में रही बीजेपी फिर से ऊंची जातियों और पंजाबियों के भरोसे है
अशोक तंवर ने पहली बार 2019 में कांग्रेस छोड़ी थी, एक महीने पहले ही उन्हें हरियाणा इकाई प्रमुख के पद से हटाकर कुमारी शैलजा को बैठाया गया था। ऐसा माना जाता है कि उनकी वापसी में उनके पत्नी के चचेरे भाई अजय माकन ने अहम भूमिका निभाई है.
विनेश फोगाट ने कहा, "यह हरियाणा के लिए एक बहुत बड़ा त्योहार है और राज्य के लोगों के लिए बहुत बड़ा दिन है. मैं राज्य के लोगों से अपील कर रही हूं कि वे बाहर आएं और अपना वोट डालें.
नरेंद्र मोदी द्वारा अपनी पार्टी के लिए प्रचार करना हरियाणा में भाजपा की 2014 की जीत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता था. लेकिन अब प्रधानमंत्री स्थानीय उम्मीदवारों के लिए पीछे हट गए हैं.
2014 में पार्टी की जीत के बाद हरियाणा में पहली बार भाजपा सरकार का नेतृत्व करने के लिए मोदी द्वारा चुने गए मनोहर लाल खट्टर लगातार दो बार मुख्यमंत्री और लगभग 2 दशकों से राज्य में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं.
तंवर — जिन्होंने 2019 में कांग्रेस छोड़ दी थी, लगातार कई पार्टियों में शामिल हुए और 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के उम्मीदवार थे, गुरुवार को राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी में फिर से शामिल हो गए.
मतदाताओं से कहा जाता है कि उन्हें पंवार को वोट देकर उनके साथ ‘न्याय’ करना चाहिए, लेकिन कई लोगों के लिए यह उनकी सद्भावना ही है जो उन्हें हरियाणा विधानसभा चुनावों में वोट दिलाएगी. भाजपा के प्रति गुस्सा भी उनके पक्ष में काम करेगा.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.