नूंह ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा क्योंकि हरियाणा की सत्तारूढ़ बीजेपी ने पड़ोसी सीट सोहना से मौजूदा विधायक सिंह को मैदान में उतारा है, जो स्पष्ट रूप से इस निर्वाचन क्षेत्र में वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश थी.
नेशनल कॉन्फ्रेंस अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के साथ केंद्र शासित प्रदेश में सत्ता में आने के लिए तैयार है. पूर्व केंद्रीय मंत्री फारुख अबदुल्ला ने कहा कि निर्वाचित सरकार को लोगों का ‘दर्द’ दूर करने के लिए बहुत काम करना होगा.
बांदीपुरा के गुंडपोरा इलाके से हाफिज मोहम्मद सिकंदर मलिक ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) कश्मीर के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था.
ऐजाज़ अहमद गुरु ने जेलों में बंद कश्मीरियों और बेरोज़गारी के मुद्दे पर कैंपेन चलाया था. उनके भाई अफ़ज़ल गुरु को दिसंबर 2001 में संसद पर हमले की साजिश रचने के लिए फांसी दी गई थी.
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को अब्दुल्ला और NC का गढ़ माना जाता है. लोकसभा चुनाव में उमर को बारामूला निर्वाचन क्षेत्र में भारी हार का सामना करना पड़ा, जिसके तहत बडगाम विधानसभा सीट आती है.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.