महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री की शनिवार को मुंबई के बांद्रा में गोली मारकर हत्या कर दी गई. हमलावरों में से 2 को गिरफ्तार कर लिया गया है. वह बांद्रा पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके थे.
मुख्यमंत्री के तौर पर सैनी ने तुरंत ही समझ लिया था कि हरियाणा में लोग डिजिटल गवर्नेंस की कुछ इनीशिएटिव से परेशान हैं. उन्होंने घोषणा की कि ऐसी किसी भी पहल में संशोधन किया जाएगा या उसे खत्म कर दिया जाएगा.
इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को हरियाणा के जाट समुदाय की ‘जातिवादी प्रवृत्तियों’ की आलोचना करते हुए इसे राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन का प्रमुख कारण बताया था.
जिन 11 सीटों पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही, वहां तीसरे स्थान पर रहे निर्दलीयों को पार्टी की हार के अंतर से ज़्यादा वोट मिले. कुछ सीटों पर आप को कांग्रेस के हार के अंतर से ज़्यादा वोट मिले.
जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा की पार्टियों को वोट देने के फैसले के कारण 28 पूर्व उग्रवादियों और अलगाववादियों को हार का सामना करना पड़ा, जिनमें जमात-ए-इस्लामी द्वारा समर्थित 10 उम्मीदवार और अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) द्वारा समर्थित अन्य उम्मीदवार भी शामिल थे.
यूपी कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि 10 में से 5 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की उम्मीद थी. सपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अगर कांग्रेस ‘विनम्रता से मांगे’ तो पार्टी 1 या 2 सीटें देने को तैयार है.
रतन शारदा के अनुसार, जबकि कई स्थानीय भाजपा नेताओं ने लोकसभा चुनावों में आरएसएस से संपर्क तक नहीं किया, वे न केवल हरियाणा बल्कि अन्य राज्यों में भी आरएसएस स्वयंसेवकों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे थे.
लोकसभा में 10 में से 5 सीटें हारने के बाद हरियाणा में भाजपा ने लगभग बाजी पलट दी है. यह नॉन-जाट मतदाताओं को एकजुट करने में सफल रही, साथ ही इसने जाटों के गढ़ में 12 नई सीटें भी जीतीं.
पांच साल पहले कांग्रेस ने इस सीट से चंद्र मोहन को उतारा था, लेकिन वे ज्ञान चंद गुप्ता से करीब 5,000 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे. इस बार वे 1,997 वोटों से जीते.
भारत की संसदीय शक्ति कभी पूरी तरह संख्यात्मक नहीं रही. क्षेत्रों को आवाज़ देकर संघवाद ने भारत को एक राष्ट्र बनाया. अब जब केवल संख्यात्मक सिद्धांत को प्राथमिकता दी जा रही है, तो राष्ट्रीय एकता खतरे में है.