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Thursday, 11 April, 2024
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कौन हैं कांग्रेस विधायक मम्मन खान, जिन्हें नूंह हिंसा के दौरान ‘दुकान लूट’ मामले में पुलिस ने बुलाया है

खान, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में हरियाणा विधानसभा में गौरक्षक मोनू मानेसर का उल्लेख किया था, को जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है क्योंकि उनके पास 'मामले से संबंधित कुछ जानकारी/दस्तावेज हो सकते हैं'.

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गुरुग्राम: हरियाणा के फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मम्मन खान को राज्य पुलिस ने 31 जुलाई को राज्य के नूंह जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान एक किराने की दुकान से कोल्ड ड्रिंक, नकदी और अन्य वस्तुओं की कथित लूट से संबंधित एफआईआर के संबंध में तलब किया है. दिप्रिंट को पता चला है.

खान इससे पहले इस साल फरवरी में राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गोरक्षक मोनू मानेसर के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में थे.

हिंदुत्व समूहों विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी द्वारा आयोजित ब्रज मंडल यात्रा नामक धार्मिक जुलूस में मानेसर उपस्थित होगा ऐसा माना जा रहा था. जिसने कथित तौर पर नूंह में शुरू हुई हिंसा के लिए एक ट्रिगर के रूप में काम किया था, लेकिन हिंसा इतनी बड़ी हो गई कि वह गुरुग्राम सहित हरियाणा के अन्य जिलों में फैल गई.

मोनू ने रैली से पहले एक वीडियो संदेश में कथित तौर पर कहा था, ”मैं व्यक्तिगत रूप से यात्रा में रहूंगा और मेरी पूरी टीम भी मौजूद रहेगी.” इस बीच, फ़रीदाबाद के एक स्वयंभू, हाशिये पर रहने वाले हिंदुत्व नेता, राज कुमार उर्फ बिट्टू बजरंगी ने 31 जुलाई को एक फेसबुक वीडियो में कथित तौर पर कहा था, “फूल माला तैयार रखो, “तुम्हारा जीजा आ रहा है”. इस बयान को जुलूस में मानेसर की अपेक्षित उपस्थिति के संकेत के रूप में लिया गया था.

आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 160 के तहत शुक्रवार को जारी एक नोटिस में, नूंह जिले के नगीना पुलिस स्टेशन के एक उप-निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने खान को “FIR नंबर 149” के एक मामले में 31 अगस्त को सुबह 10 बजे उनके सामने पेश होने का निर्देश दिया.

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दिप्रिंट ने नोटिस के साथ-साथ रिमांड पत्र की एक प्रति भी हासिल कर ली है जिसमें नगीना पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत की गई एफआईआर 149 की सामग्री का उल्लेख है. 12 अगस्त को जब पुलिस ने रिमांड पत्र दाखिल किया तब मामले के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

खान को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि, “अब तक की जांच के दौरान एफआईआर संख्या 149 दिनांक 1 अगस्त, 2023 में धारा 148 (घातक हथियारों से लैस दंगा), 149 (गैरकानूनी सभा), 153-ए (धर्म, जाति, स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. जन्म, निवास, भाषा, आदि, और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य करना), 379-ए (चोरी), 436 (विस्फोटक पदार्थ द्वारा शरारत), और आईपीसी [भारतीय दंड संहिता] की 506 (आपराधिक धमकी), के तथ्य सामने आए हैं कि आपके पास मामले से संबंधित कुछ जानकारी/दस्तावेज हो सकते हैं.

इसमें यह भी लिखा गया है कि, “इसलिए, यह आवश्यक है कि आप उक्त मामले में जांच में शामिल हों. आपको 31 अगस्त को सुबह 10 बजे नगीना पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने का निर्देश दिया जाता है.

दिप्रिंट ने टेक्स्ट संदेशों और फोन कॉल के माध्यम से टिप्पणी के लिए खान से संपर्क किया है. प्रतिक्रिया मिलते ही रिपोर्ट अपडेट कर दी जाएगी.

हालांकि, नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने पुलिस कार्रवाई को “चुड़ैल-शिकार” का उदाहरण बताया.

खान इस महीने की शुरुआत में भी खबरों में थे, जब एक महिला कथित तौर पर विधायक के सेक्टर 47, गुरुग्राम स्थित आवास पर उनकी “दूसरी पत्नी” होने का दावा करती हुई दिखाई दी थी.


यह भी पढ़ें: ‘नूंह में कई डिमोलिशन नोटिस झड़पों से पहले के हैं’, विधायक ने अधिकारियों पर लगाया गलती छिपाने का आरोप


एफआईआर नंबर 149

कथित तौर पर “मेरी दुकान में तोड़फोड़, लूटपाट और आग लगाने और मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा धमकियों” के खिलाफ एफआईआर नगीना जिले के स्थायी निवासी मदन (एफआईआर में केवल पहले नाम से पहचाना गया) द्वारा दर्ज की गई थी, एफआईआर के मुताबिक, जो वह एक पेट्रोल पंप के पास किराने के साथ कोल्ड ड्रिंक की दुकान भी चलाता है.

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया, “31 जुलाई को, मैंने देखा कि मुस्लिम युवकों की एक भीड़ मेरी दुकान की ओर यह कहते हुए दौड़ रही है, ‘वहां एक हिंदू की दुकान है. इसे जला दो और मालिक को मार डालो’. मैंने दुकान में ताला लगाया और अपने घर की ओर भागा. शाम को, मुझे पता चला कि बदमाशों ने मेरी दुकानों के ताले तोड़ दिए, अंदर घुस गए, सारा सामान लूट लिया और दुकान में आग लगा दी. ”

पुलिस रिमांड पत्र में इस मामले में गिरफ्तार आरोपी के रूप में मुस्कीन उर्फ गूंगा (28), साकिर (32), मोहम्मद कैफ (19), फैजान (19), आसिफ (20), आस मोहम्मद (51), ताफिक मोहम्मद (38) और अकरम (22) के नाम शामिल हैं.

मदन ने एफआईआर में यह भी दावा किया है कि उसके दो मोबाइल फोन और दुकान में रखी नकदी भी छीन ली गई है, जिससे उसका 3 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.

रिमांड पत्र के अनुसार, मामले में पुलिस जांच के दौरान, एक अन्य शिकायतकर्ता, हरियाणा के पलवल जिले के औरंगाबाद निवासी सुरेंद्र (केवल पहले नाम से पहचाना गया) ने भी शिकायत दर्ज कराई कि मदन की दुकान के पास उसकी शराब की दुकान को भीड़ ने लूट लिया है.

रिमांड पत्र में यह भी कहा गया है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने शराब और कोल्ड ड्रिंक लूटने की बात स्वीकार की है और कहा है कि उन्होंने लूटे गए सामान का सेवन किया है.

मम्मन खान कौन है?

नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका से 56 वर्षीय कांग्रेस विधायक खान पहली बार विधायक बने हैं,2019 हरियाणा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नसीम अहमद को लगभग 37,004 वोटों के अंतर से हराया है (चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार).

चुनाव आयोग को सौंपे अपने हलफनामे में, खान ने कहा है कि उन्होंने 1994 में बैंगलोर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और उनके पास 5.44 करोड़ रुपये की संपत्ति है. उन्होंने अपना प्रोफेशन बिजनेस बताया है.

मेवात के मेव मुस्लिम समुदाय के इतिहासकार और विशेषज्ञ सद्दीक अहमद मेव के अनुसार, “मम्मन खान के पिता मोहम्मद हनीफ हरियाणा वक्फ बोर्ड के कर्मचारी थे. खान ने शुरुआत में एक बिल्डर के साथ इंजीनियर के रूप में काम किया. बाद में, उन्होंने बिल्डरों को निर्माण सामग्री की आपूर्ति शुरू कर दी और अंततः एक बिल्डर बन गए.”

राजनेता फरवरी में राजस्थान के भिवानी में नासिर और जुनैद की हत्या के बाद सुर्खियों में आए. कथित तौर पर गोरक्षकों ने दोनों को पीटा और जिंदा जला दिया था और इस मामले में मोनू मानेसर मुख्य संदिग्ध था.

उस महीने हरियाणा विधानसभा में बोलते हुए, खान ने कहा था, “ये मोनू मानेसर कहीं अमित शाह के साथ फोटो खिंचवा रहा है, कहीं अरुण जेटली के साथ फोटो खिंचवा रहा है. क्या डराना चाहता है हम मेवातियों को ये, मैं इतना बड़ा आदमी हूं? अबके ये मेवात में गया तो इसको प्याज की तरह फोड़ देंगे. ”

इसके बाद हिंदुत्व समूहों और कई भाजपा नेताओं ने खान पर अपने बयान के जरिए लोगों को भड़काने का आरोप लगाया है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मनोहर लाल खट्टर के मुख्य मीडिया समन्वयक रमणीक सिंह मान ने 1 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, #मेवात में पूर्व नियोजित हिंसा में @INCIndia और उसके फिरोजपुर झिरका से विधायक “मम्मन खान” की भूमिका की गहन जांच की जाएगी. अपराधियों की पहचान की जाएगी और उन्हें दंडित किया जाएगा, पथराव के लिए इस्तेमाल की गई छतों की पहचान की जाएगी, उन घरों को भी कानून के अनुसार ध्वस्त कर दिया जाएगा.

खान की ‘दूसरी पत्नी’ का मामला

उनके खिलाफ पुलिस समन जारी होने से कुछ दिन पहले, कांग्रेस विधायक एक और विवाद में है, जब 22 अगस्त को एक महिला कथित तौर पर खान के सेक्टर 47, गुरुग्राम स्थित आवास पर आई थी और खुद को उनकी “दूसरी पत्नी” होने का दावा किया था.

महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए गुरुग्राम के सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में खान की पत्नी शमशाद ने दावा किया कि उनके पति को 22 अगस्त को सुबह 7.47 बजे एक अज्ञात नंबर से फोन आया था, जिस दौरान फोन करने वाले ने कहा था कि वह खान की पत्नी को एक ऑटोरिक्शा में भेज रहा है. उसने उसके का लोकेशन भी पूछा.

दिप्रिंट ने शिकायत देखी है.

शमशाद ने आगे दावा किया: “मेरे पति ने फोन करने वाले को बताया कि उसकी पत्नी घर पर है, लेकिन फोन करने वाले ने फोन काट दिया. मेरे पति ने मामले की जानकारी देने के लिए पुलिस आयुक्त को फोन किया और अधिकारी के व्हाट्सएप पर मामले का विवरण भेजा.

उन्होंने आगे कहा: “शाम को लगभग 8 बजे, जब मेरे पति बाहर थे, एक अज्ञात महिला मेरे घर पर आई, बार-बार दरवाजे की घंटी दबाई और जब दरवाजा खुला, तो उसने जबरन मेरे घर में घुसने की कोशिश की. मैंने मामले की जानकारी अपने पति को दी, जिन्होंने सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारियों को भेजा, जो महिला को ले गए.”

24 अगस्त को, खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी यह कहता दिख रहा था कि खान के खिलाफ हिसार निवासी राज कुमार की बेटी रवीना नामक महिला के आरोप झूठे पाए गए हैं. क्योंकि वह अपने दावे के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर पाई.

खान ने हरियाणा के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा को टैग करते हुए एक्स पर हिंदी में लिखा,“मेरे खिलाफ अज्ञात महिला के आरोपों को पुलिस ने निराधार पाया है. बार-बार मेरी छवि खराब करने की साजिशों का गुरुग्राम पुलिस ने पर्दाफाश किया है. सच्चाई अब लोगों के सामने है. धन्यवाद, गुरुग्राम पुलिस.”

(संपादन: पूजा मेहरोत्रा)

(इस ख़बर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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