हिसार, सिरसा और रोहतक की जाट बहुल सीटों पर बीजेपी और जेजेपी उम्मीदवारों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जहां जेजेपी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है, वहीं बीजेपी इन घटनाओं पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है.
टिकट वितरण को लेकर कर्नाटक में कम से कम नौ सीटों पर असंतोष पैदा हो गया है. हालांकि, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने असंतुष्ट नेताओं को दो विकल्प दिए हैं - जैसा कहा जाए वैसा करो या दुष्परिणाम भुगतो
शांभवी चौधरी लोक जनशक्ति पार्टी (आरवी) या एनडीए की उम्मीदवार बनकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ेंगी. इस बीच, सनी हज़ारी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, लेकिन पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.
मोदी ने शनिवार को कहा कि समाजवादी पार्टी ‘हर घंटे उम्मीदवार बदल रही है’. विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी सारी सीटों पर बार-बार उम्मीदवार बदलने से ‘राजनीतिक हारा-गिरी’ हो सकती है.
उन्हें एकमत बयान पर अड़े रहने से लेकर इंटरव्यू लेने वाले मीडिया आउटलेट्स की सूची बनाने तक, बीजेपी ने कंगना रनौत को विवादों से दूर रखने के लिए योजना तैयार की है.
मुर्शिदाबाद और सेरामपुर सीटों पर सीट बंटवारे पर बातचीत टूटने के बाद आईएसएफ ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. विश्लेषकों का मानना है कि सीपीआई (एम) या कांग्रेस के समर्थन के बिना आईएसएफ को कोई मौका नहीं मिलेगा.
एक इंटरव्यू में पुष्कर सिंह धामी कहते हैं कि यूसीसी से मुस्लिम महिलाओं को फायदा होगा. इसके अलावा अन्य दलों से आए लोगों को शामिल के लिए 'मानदंड' तय करने और अतिक्रमण हटाने पर भी बात की.
बीजेपी के भीतर असंतोष की आशंका है क्योंकि नेताओं ने येदियुरप्पा पर टिकटों के लिए अपने परिवार और करीबी नेताओं का पक्ष लेने का आरोप लगाया है. केएस ईश्वरप्पा का कहना है कि वे शिवमोग्गा में पूर्व सीएम के बेटे के खिलाफ निर्दलीय खड़े होंगे.
पार्टी पदाधिकारी का कहना है कि यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री भाजपा उम्मीदवार के लिए पीलीभीत में रैली को संबोधित करेंगे. बसपा ने अनीस खान को मैदान में उतारा है, जबकि सपा से भगवत सरन गंगवार मैदान में हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.