चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वाले राज्यसभा के सात सदस्यों पर निशाना साधते हुए उनकी उपमा सब्जी एवं मसालों से की. उन्होंने कहा कि दलबदल करने वाले इन नेताओं का अपने आप में कोई खास महत्व नहीं है.
मान ने ‘एक्स’ पर पंजाबी में लिखी एक व्यंग्यात्मक पोस्ट में, ‘अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया. ये सातों चीजें मिलकर किसी व्यंजन को स्वादिष्ट बनाती हैं लेकिन अकेले ये व्यंजन नहीं बन सकतीं.’
उनकी यह टिप्पणी दल बदलने वाले सात नेताओं को गद्दार कहने के एक दिन बाद आई है.
‘आप’ के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने शुक्रवार को एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए पांच अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की. इनमें अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी शामिल हैं.
चड्ढा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकता से भटक गई है, यही कारण है कि वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं.
मान ने नेताओं के पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद भाजपा पर आरोप लगाया कि वह ‘आप’ को तोड़ने की कोशिश कर रही है. साथ ही उन्होंने दल बदलने वाले नेताओं पर भी पंजाब के लोगों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया.
उन्होंने दावा किया कि जब से ‘बेअदबी’ के खिलाफ सख्त कानून बना है, तब से भाजपा की बेचैनी साफ नजर आ रही है.
मान ने यह भी कहा कि उक्त सांसदों में से कोई भी जननेता नहीं है.
उन्होंने सवाल किया, ‘एक ‘सरपंच’ का भी अपना वोट बैंक होता है. क्या इनके पास कोई वोट बैंक है?’
उन्होंने कहा कि पंजाब में बार-बार मिली हार से बौखलाई भाजपा अब राज्य और ‘आप’ के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डराने-धमकाने, प्रलोभन देने और दलबदल कराकर एक भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
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