चुनाव आयोग की बढ़ी हुई सीमा कोविड के दौरान सभी चुनावों पर लागू होगी जिनमें एमपी उप-चुनाव भी शामिल हैं. फिलहाल, हर उम्मीदवार के लिए ये सीमा लोकसभा चुनावों में 50 लाख से 70 लाख और विधानसभा चुनावों के लिए 20 से 28 लाख है.
कुमार ने जदयू की डिजिटल रैली में लालू प्रसाद और उनके परिवार पर करार प्रहार किया था और 15 साल के ‘पति-पत्नी राज (लालू-राबड़ी शासन) एवं अपने शासन के बीच विकास की गति को लेकर तुलनात्मक आंकड़े पेश किये थे.
चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने दिप्रिंट को बताया कि वन नेशन वन पोल ‘कल्पनीय विचार’ है लेकिन इस पर राजनीतिक सहमति सबसे अहम है क्योंकि इसके लिए संवैधानिक संशोधनों की आवश्यकता होगी.
अपने हाई-टेक कैंपेन और प्रचार के लिए चर्चित भाजपा इन डिजिटल रथों को रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात करेगी जहां ज्यादा लोग वरिष्ठ भाजपा नेताओं के भाषण को सुन सकेंगे.
2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सीपीआई ने आरजेडी से कन्हैया कुमार का समर्थन मांगा था और बेगूसराय से उम्मीदवार नहीं उतारने को कहा था लेकिन राजद ने इससे मना कर दिया था.
विपक्ष ने भी बीजेपी पर हमला करने में देर नहीं लगाई, और आरजेडी के तेजस्वी यादव ने कहा, कि पार्टी की दिलचस्पी सिर्फ सत्ता हासिल करने में है, और उसे लोगों की भलाई की कोई परवाह नहीं है.
बिहार चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराने पर जोर देने के बाद, जबकि विपक्ष इसे थोड़ा टाले जाने की मांग कर रहा था, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी अब कह रहे हैं कि एनडीए वह फैसला ही मानेगा जो चुनाव आयोग लेगा.
HAL इंजीनियरों को विदेशों में और IITs तथा IIMs जैसे प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षण देने पर भारी निवेश करता है, लेकिन उनका पूरा और सही उपयोग नहीं हो पाता.