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Thursday, 5 March, 2026
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भारत-ईरान रिश्ते जमीन से ज्यादा वादों पर टिके रहे. हमारे लिए असली जोखिम US का ध्यान बंट जाना है

ईरान भारत के लिए एक और चिंता बन गया है क्योंकि ट्रंप के पास ध्यान भटकाने का एक और कारण हो सकता है.

ऑपरेशन गजब लिल-हक को सही ठहराने के लिए पाकिस्तान को भारत के क्षेत्रों पर अपना दावा छोड़ना होगा

अब जब चीन को बड़े दांव वाले युद्ध पर नज़र रखने में व्यस्त किया जा रहा है, यह छोटा पड़ोसी संघर्ष पाकिस्तान को भू-रणनीतिक युद्ध का ज़रूरी सबक सिखा सकता है.

खामेनेई के जाने के बाद अब अमेरिका-इज़राईल का राजनीतिक लक्ष्य क्या होगा?

ईरान का सबसे अच्छा दांव यह होगा कि वह अमेरिका को ज़मीन पर लंबे समय तक महंगे युद्ध में उलझाए रखकर थका दे और जीत हासिल करे, जैसा कि वियतनाम, अफगानिस्तान और कुछ हद तक इराक में हुआ.

X के पोर्न बैन का अंजाम भी गुटखा, अल्कोहल और पटाखों पर रोक जैसा ही होने वाला है

बिना लागू किए बैन सिंबॉलिज़्म है. बिना सोशल चेंज के बैन ड्रामा है. और धीरे-धीरे, नागरिक हर नई रोक को कानून नहीं, बल्कि बैकग्राउंड नॉइज़ मानने लगते हैं.

ईरान की तानाशाही की निंदा होनी चाहिए थी, लेकिन अमेरिका-इज़राइल के हमले इलाज नहीं

एक बार ‘रेजीम चेंज’ को सही मान लिया जाए, तो यह सोच फैलने लगती है. प्रभाव और ताकत को लेकर ईर्ष्या रखने वाली और पश्चिम पर शक करने वाली प्रतिद्वंद्वी शक्तियां भी इसी तर्क का इस्तेमाल दूसरी जगहों पर करेंगी.

‘PM मोदी नाराज़ हैं’ वाला नैरेटिव एक कम्युनिकेशन डिजास्टर है, BJP की ऑप्टिक्स टीम पकड़ खो रही है

‘मोदी नाराज़ हैं’ वाली हेडलाइनों पर चर्चित हलकों की एक खास प्रतिक्रिया आ रही है: ‘तो सोनिया नाराज़ हैं.’

UPSC में उम्र सीमा घटाने का वक्त? पांच तर्क कि सिविल सेवाओं को क्यों चाहिए युवा नेतृत्व

जो लोग 30 साल की उम्र के बाद सेवा में आते हैं, उनके लिए किसी भी सेवा में शीर्ष पद तक पहुंचने के मौके बहुत कम रह जाते हैं.

इज़राइल-ईरान संघर्ष 1973 जैसे तेल संकट को नहीं दोहराएगा, लेकिन यह भारत के लिए एक चेतावनी है

इस स्थिति का सामना केवल भारत ही नहीं कर रहा है, लेकिन तेल के आयात पर उसकी अधिक निर्भरता और बढ़ती ऊर्जा मांग उसके जोखिम को खास तौर पर बड़ा बनाती है.

आने वाले नेपाल चुनावों पर चीन की लंबी छाया—रेड लाइन्स और क्षेत्रीय टकराव

नेपाल में Gen-Z मूवमेंट के बाद से चीन थोड़ा शांत रहा है क्योंकि बीजिंग की अपनी रेड लाइन्स हैं, खासकर 1989 के तियानआनमेन स्क्वायर प्रोटेस्ट्स के बाद, जो लोकतंत्र के समर्थन में एक बड़ा आंदोलन था.

राहुल गांधी राज्यसभा में आक्रामक रुख की तैयारी में, रणनीति पर सोनिया-खरगे कश्मकश में फंसे

लोकसभा में राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए घेराव गैंग बनाया है. अब वह राज्यसभा में भी ऐसा ही घेराव गैंग चाहते हैं.

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राजस्थान के शिक्षा विभाग ने जारी की अकादमिक रैंकिंग : करौली जिले ने किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

जयपुर, पांच मार्च (भाषा) राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को फरवरी-2026 की जिला शैक्षिक अकादमिक रैंकिंग जारी की जिसमें करौली जिले ने...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.