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Wednesday, 22 April, 2026
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भाजपा का 10% सवर्ण आरक्षण वोटबैंक की राजनीति, लेकिन राह में हैं कानूनी अड़चनें

केंद्रीय कैबिनेट द्वारा पास किए गए इस वोट बटोरने वाले प्रस्ताव को लागू करने के लिए सरकार को बहुत ही शातिर राजनीतिक चालें चलनी होंगी.

क्यों नितिन गडकरी भारत के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं

2014 के आम चुनाव से पहले ‘160 क्लब’ की चर्चा थी. विचार था कि अगर भाजपा की सीटें 160 के आसपास रहीं, तो पार्टी में मोदी के दुश्मन उन्हें पीएम बनने नहीं देंगे.

दलितों-वंचितों को संगठित कर रहा है इंटरनेट और सोशल मीडिया!

दलितों, आदिवासियों और ओबीसी की इस तरह की दशा की वजह उनमें आर्थिक और राजनैतिक जागरूकता का अभाव तथा एकजुटता की कमी है.

शुभकामनाएं कि आप गरीबों की योजनाओं, दवाओं और राशन कार्डों वगैरह की लूट में शामिल होते थोड़ा शरमायें!

एक दिन आपके अखबार में यह खबर भी आये कि कम्बल बांटने चले नेता जी अपनी करुणा के प्रदर्शन के लिए एक भी कांपता हुआ आदमी नहीं ढूंढ़ पाये.

जयपाल सिंह मुंडा के साथ इतिहासकारों ने न्याय नहीं किया

भारत के आधुनिक इतिहास के सबसे चमकदार व्यक्तियों में से एक जयपाल सिंह मुंडा को जिस फ्रेम में समझने की कोशिश होती है, वही गलत है. उन्हें समझने के लिए आदिवासियत को समझना होगा.

‘वीमेन वाल’ पर पितृसत्ता के ये प्रहार उसकी बेचारगी के प्रतीक हैं

सबरीमाला में महिलाओं ने उन धर्मांध, पितृसत्तावादी संगठनों को उन्नीस साबित कर डाला है, जो सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बावजूद उनके भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश की राह में आ रहे थे.

देश के मुसलमानों को ओवैसी की राजनीति क्यों नापसंद है?

ओवैसी की राजनीति के विफल होने का दूसरा कारण यह है कि ओवैसी के नाम से ही धर्मनिरपेक्ष मुसलमानों के साथ-साथ अन्य वर्ग का दूर रहना.

लुटियंस की दिल्ली ने क्यों नरेंद्र मोदी से मुंह फेर लिया है?

प्रधानमंत्री का कहना है कि उन्हें सबसे बड़ा अफसोस इस बात का है कि वे ‘लुटियंस की दिल्ली’ को अपने पक्ष में नहीं कर पाए.

जो पहले नहीं सोचते थे, वे अब सोच रहे हैं कि मोदी-शाह को हराया जा सकता है

18 दिसंबर 2017 तक, यह कहने वाले बहुत लोग नहीं रहे होंगे कि अगले 12 महीनों में भारतीय राजनीति अपनी एकध्रुवीयता गंवा देगी. लेकिन आज यही हो गया है.

भारत से नाराज़ होकर चीन के करीब जा रहा है नेपाल

नेपाली युवा वर्ग में भारत को लेकर ज़बर्दस्त नाराज़गी है. वे कहते हैं, ‘हम कट्टर हिन्दू हैं, पर भारत को पसंद नहीं करते. हमारा दोस्त चीन है.'

मत-विमत

अमेरिका अब तक ईरान को क्यों नहीं हरा पाया? क्योंकि ट्रंप कम खर्च में जीत हासिल करना चाहते हैं

ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.

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राजनीति

देश

प्रधानमंत्री के सम्भावित कार्यक्रम के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

वाराणसी (उप्र), 21 अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सम्भावित भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर जनप्रतिनिधियों तथा...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.