एक तरफ जहां प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के बाद हिंदी के प्रचार-प्रसार में वृद्धि हुई है वहीं इनके समर्थकों ने हिंदी की वर्तनी बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.
भारत ने दुनिया को जीरो के अलावा बहुत सारी चीजें दी हैं जिनमें से एक है हिंदी भाषा. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश को एकजुट करने का भार हिंदी पर आ पड़ा था.
लेकिन असली जेएनयू है क्या? आखिर लाल इंटों वाली, बिना पलस्तर की उन बिल्डिगों के पीछे है क्या? जिसे लेकर इतनी चर्चा होती है, इतना विवाद होता है? क्या है जेएनयू कल्चर?आइए जेएनयू कल्चर के बारे में कुछ जानते हैं.
देश भर के विश्वविद्यालय 2019 के आरंभ में एक बार फिर उसी तरह से सुलग रहे हैं जिस तरह से रोहित वेमुला का संस्थानिक हत्या के बाद 2016 में सुलगे थे. दोनों ही परिस्थितियों में कई समानताएं हैं.
मोदी सरकार को राफेल सौदे में खुद को बेदाग साबित करते हुए कहना चाहिए था कि वह वायुसेना के लिए सौदा जल्दी चाहती थी इसलिए अफसरशाही की आपत्तियों को खारिज किया.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है