राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में चल रहे राजनीतिक घमासान और पार्टी के बागी विधायकों के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय ने जोर देकर कहा है, ‘लोकतंत्र में असहमति के स्वर दबाए नहीं जा सकते.’
सप्लाई चेन्स के धीरे धीरे फिर से शुरू होने के साथ ही, मुद्रास्फीति घट सकती है. लॉकडाउन से भी आंकड़े सीमित हो गए हैं, इसलिए दरें बदलने से पहले, एमपीसी को इंतज़ार करना चाहिए.
पिछले करीब 28 साल में पाकिस्तान में 61 पत्रकारों को अपना फर्ज़ निभाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है, जिनमें ‘द वाल स्ट्रीट जर्नल’ के पत्रकार डेनियल पर्ल के हत्याकांड को तो आप नहीं ही भूले होंगे.
बाबा साहेब का मानना था कि तिलक की वजह से कांग्रेस ने समाज सुधार के काम बंद कर दिए. इससे भारत में सामाजिक परिवर्तन का रास्ता बंद हो गया और राजनीतिक सुधार भी रुक गए.
वर्तमान में हमारा देश एक ऐसे दौर से गुज़र रहा है जिसमें वरिष्ठ अनुभवी लोगों का अपना नज़रिया है जो कि लंबे अनुभव पे टिका है, वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी है जो कि अपना लक्ष्य प्राप्त करने की जल्दी में है. इस परिदृश्य में स्वाभाविक है कि टकराव होने की संभावना होती है.
असम और बिहार में ढुलमुल राजनीति, लचर नीति , नीति-निर्माताओं का बाढ़ को लेकर उपाय सोचते वक्त हमेशा दिमागी पंगुता का शिकार हो जाना, लोगों का अपने मजबूरियों के घेरे से बाहर निकलकर बाढ़ की विपदा को संघर्ष के एक मुद्दे के रुप में ना देख पाना ही है.
आने वाले कई वर्षों तक भारतीय राजनीति बीजेपी के आसपास और उसके पक्ष और विपक्ष में घूमती रहेगी. हो सकता है कि इस बीच में बीजेपी कोई चुनाव हार भी जाए लेकिन विमर्श के केंद्र में बीजेपी ही रहेगी.
मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.