कोई भी केंद्रीय सत्ता हमें नहीं बचा सकती. वह सिर्फ़ झूठे दावे करती है, इसका अहसास हम सभी को हो ही गया है. गांधी हमें अहिंसक ढंग से, धीमे-धीमे इस महाकाय राक्षसी आर्थिक-राजनीतिक व्यवस्था से छोटे-छोटे स्थानीय समूहों की मानवीय व्यवस्था की ओर ले जाते.
आज, दिल्ली यूनिवर्सिटी तमाम विश्व रैंकिंग्स में कहीं नीचे की तरफ खिसकी नज़र आती है और देशभर की दूसरी तमाम यूनिवर्सिटीज़ का भी यही हाल है लेकिन एक रास्ता निकल सकता है.
केंद्रीय जल आयोग ने जून के पहले हफ्ते में एक डाटा के अनुसार देश के 123 बांधों या जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 10 सालों के औसत का 165 फीसद पानी संग्रहित है.
शाहूजी महाराज ने न्याय एवं समता की स्थापना के लिए जो कदम उठाए, उसमें बहुत सारे कदम ऐसे हैं जिन्हें उठाने में आजाद भारत की सरकारों को दशकों लग गए और कुछ कदम तो अब तक नहीं उठाए गए हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री के करीबी लोगों के अनुसार नई आक्रामकता उनके स्वभाव से मेल नहीं खाती. पर एक युवा कांग्रेसी नेता द्वारा चुनौती दिए जाने के बाद अपनी राजनीति के प्रति अशोक गहलोत की प्रतिबद्धता और बढ़ गई है.
‘बाहर वालों’ के प्रति बॉलीवुड इतना बेरहम इसलिए है कि वहां जारी क्रूर प्रतियोगिता के खेल में न कोई अंपायर है, न कोई चेतावनी की सीटी बजाने वाला है, न कोई बीच-बचाव करके सुलह कराने वाला है.
मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.