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Saturday, 18 April, 2026
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कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौर में उत्पन्न संकट से महात्मा गांधी कैसे निपटते, ये हैं नौ सूत्रीय कार्यक्रम

कोई भी केंद्रीय सत्ता हमें नहीं बचा सकती. वह सिर्फ़ झूठे दावे करती है, इसका अहसास हम सभी को हो ही गया है. गांधी हमें अहिंसक ढंग से, धीमे-धीमे इस महाकाय राक्षसी आर्थिक-राजनीतिक व्यवस्था से छोटे-छोटे स्थानीय समूहों की मानवीय व्यवस्था की ओर ले जाते.

गोस्वामी तुलसीदास ने दिखाई थी राम जन्मभूमि आंदोलन की राह

तुलसीदास, जिन्होंने रामचरितमानस को संस्कृत की रामायण से अवधी में अनुवाद किया, और पूरे उत्तर भारत के घर-घर में भगवान राम को पहुंचाया है.

मोदी के करिश्मे की बुनियाद बने पांच तत्वों में से 4 की चमक जाने लगी है

एक घाघ राजनेता होने के नाते मोदी अच्छी तरह जानते होंगे कि उनकी लोकप्रियता और जीतें महज हिंदू हितों के रक्षक की उनकी छवि के कारण नहीं हैं.

इंडियन यूनिवर्सिटीज की फैकल्टी में लगभग हर किसी का प्रमोशन हो जाता है, 1970 में ये नुकसान डीयू ने शुरू किया

आज, दिल्ली यूनिवर्सिटी तमाम विश्व रैंकिंग्स में कहीं नीचे की तरफ खिसकी नज़र आती है और देशभर की दूसरी तमाम यूनिवर्सिटीज़ का भी यही हाल है लेकिन एक रास्ता निकल सकता है.

सरकार के पसंदीदा उपाय- बांध और तटबंध फेल हो चुके, अब बाढ़ से तालाब और पोखर ही बचा सकते हैं

केंद्रीय जल आयोग ने जून के पहले हफ्ते में एक डाटा के अनुसार देश के 123 बांधों या जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 10 सालों के औसत का 165 फीसद पानी संग्रहित है.

आरक्षण के जनक ही नहीं, आदर्श दार्शनिक राजा थे शाहूजी महाराज

शाहूजी महाराज ने न्याय एवं समता की स्थापना के लिए जो कदम उठाए, उसमें बहुत सारे कदम ऐसे हैं जिन्हें उठाने में आजाद भारत की सरकारों को दशकों लग गए और कुछ कदम तो अब तक नहीं उठाए गए हैं.

भूमि पूजन को अनुच्छेद 370 खत्म करने से जोड़ने का क्या तुक, अयोध्या किसी तारीख को पकड़कर नहीं बैठती

‘जीवन से मोक्ष’ की चाह लेकर आये श्रद्धालुओं को ‘मोक्ष से जीवन’ की ओर घुमाने का द्रविड़ प्राणायाम करने वाले अयोध्यावासियों का मनोविज्ञान कुछ ऐसा ही है.

अशोक गहलोत अपने नए अवतार में चार दशकों की अपनी राजनीति के खातिर कुछ भी कर सकते हैं

राजस्थान के मुख्यमंत्री के करीबी लोगों के अनुसार नई आक्रामकता उनके स्वभाव से मेल नहीं खाती. पर एक युवा कांग्रेसी नेता द्वारा चुनौती दिए जाने के बाद अपनी राजनीति के प्रति अशोक गहलोत की प्रतिबद्धता और बढ़ गई है.

ये एक डर्टी पिक्चर है- सुशांत सिंह राजपूत की मौत से बॉलीवुड की सच्चाई एक बार फिर सामने आयी

‘बाहर वालों’ के प्रति बॉलीवुड इतना बेरहम इसलिए है कि वहां जारी क्रूर प्रतियोगिता के खेल में न कोई अंपायर है, न कोई चेतावनी की सीटी बजाने वाला है, न कोई बीच-बचाव करके सुलह कराने वाला है.

पीएम मोदी को समझना होगा कि भारत को मजबूत देश होने की जरूरत है, सिर्फ मजबूत सरकार नहीं

मजबूत सरकार ही नहीं, मजबूत देश भी चाहिए. इसके लिए मोदी सरकार को अपना नज़रिया बदलन होगा और अलग तौर-तरीका अपनाना होगा

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नक्सलवाद से पश्चिम बंगाल की लड़ाई पुलिस एक्शन तक ही सीमित नहीं थी

मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.

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कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक को रोका, भारत को ऐतिहासिक कदम से वंचित किया : चंद्रबाबू नायडू

अमरावती, 18 अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को अवरुद्ध...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.