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Saturday, 18 April, 2026
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अनुच्छेद 370 बहाल करने की कुछ कश्मीरी पंडितों की मांग अतार्किक, ऐतिहासिक समर्थन का अभाव

मोदी सरकार के फैसले को चुनौती देने वाले अधिकांश मामले जम्मू-कश्मीर की विशिष्टता बनाए रखने और शेष भारत के साथ इसके भावनात्मक और आर्थिक एकीकरण को नकारने की कोशिश करते हैं.

यूरोप और अमेरिका के विपरीत भारत ने कोविड संकट के दौरान आर्थिक आज़ादी क्यों बढ़ाई है

केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों में अनेक पाबंदियों को हटाने की पहल की है और 1991 के उदारीकरण के विपरीत, राज्य सरकारें भी इस प्रक्रिया में साथ दे रही हैं.

गुटनिरपेक्षता के पुराने ख्वाबों को भूलकर अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत करे भारत

चीन से संबंध बिगड़ने के बाद अमेरिका के लिए एशिया में भारत ही सबसे ज्यादा संभावना वाला बाजार है. उसी तरह, भारत की आर्थिक जरूरतों के लिए भी अमेरिका से ज्यादा क्षमतावान ट्रेड पार्टनर दूसरा नहीं हो सकता.

भारत अगर एलएसी पर चीन को थकाना चाहता है तो दबाव वाले बिंदुओं पर उसे रक्षात्मक तैयारी मज़बूत करनी होगी

समझदारी यही होगी कि हमारी रणनीति की प्रमुख बातों से राष्ट्र को औपचारिक रूप से अवगत कराया जाए, बजाए इसके कि अनाम अधिकारी अपनी कल्पना के घोड़े दौड़ाते हों.

मंदिर राजनीति की काट सिर्फ लालू जानते हैं, जिनकी गैरमौजूदगी में होंगे बिहार चुनाव

बिहार उत्तर भारत की विशाल हिंदी पट्टी का एकमात्र राज्य है, जहां आज तक कभी बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं बना है. इसके पीछे प्रमुख वजह लालू प्रसाद यादव हैं.

कोविड संकट में पीएफ खातों में जमा लोगों के बचत का पैसा सुरक्षा कवच साबित हुआ, भारतीयों को बचत की अहमियत समझनी चाहिए

दुनिया में दो देश हैं जो प्राचीन काल से ही बचत में विश्वास करते चले आएं हैं और वे हैं भारत तथा चीन. एशिया की इन दो महाशक्तियों का इतिहास देखेंगे तो हम पाएंगे कि प्राचीन काल में भी लोग बचत करते थे चाहे वो धन की हो या अनाज की.

ब्राह्मणों का समर्थन हासिल कर क्या उत्तर प्रदेश की सत्ता में 2007 की तरह वापसी कर पाएगी बसपा

यूपी का ब्राह्मण मतदाता बीजेपी का कोर वोट बैंक रहा है लेकिन प्रदेश में चार बार सत्ता में आने के बाद भी बीजेपी ने कभी भी किसी ब्राह्मण को सीएम नहीं बनाया. इस बार तो वह बिल्कुल ठगा हुआ महसूस कर रहा है.

राम मंदिर कोविड वैक्सीन का इंतजार नहीं कर सकता, मोदी पहले हिन्दुत्ववादी नेता फिर भारत के प्रधानमंत्री

भाजपा के लिए अयोध्या मुद्दा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 अगस्त को होने वाले भव्य समारोह से दूर रहने की संभावना नहीं है, भले ही कोविड हो या न हो.

मोदी के भारत में संपादकों के पास दो ही विकल्प- अपनी आवाज़ बुलंद करें या बौद्धिक गुलामी मंजूर करें

भारतीय लोकतंत्र का चौथा खंभा माने जाने वाले प्रेस को आज इसके बाकी तीन खंभों जितनी अहमियत नहीं दी जा रही, तो साफ है कि पत्रकारों के सामने आज कौन-से रास्ते खुले हैं.

आईफोन 11 अब ‘मेड इन इंडिया’ हो गया लेकिन मोदी सरकार को देखना पड़ेगा कि टैक्स की ऊंची दरें बाधक न बने

मौजूदा समय में जब दुनिया की विनिर्माण कंपनियां चीन पर निर्भर उच्च जोखिम वाली सप्लाई चेन के विकल्प ढूंढ रही हैं, भारत में आईफोन 11 असेंबल करने का एपल का निर्णय भारत की पात्रता को और अधिक विश्वसनीय बनाता है.

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नक्सलवाद से पश्चिम बंगाल की लड़ाई पुलिस एक्शन तक ही सीमित नहीं थी

मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.

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परिसीमन विधेयक गिरने से भाजपा की ‘‘बेचैनी’’ सामने आई: तृणमूल नेता अभिषेक

कोलकाता, 18 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि लोकसभा में परिसीमन विधेयक के पारित नहीं होने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.