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Saturday, 18 April, 2026
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युवा बनाम बुजुर्ग नहीं, कांग्रेस में असली लड़ाई दो खेमों में बंटे असफल नेतृत्व के बीच है

राहुल गांधी, सोनिया गांधी, शशि थरूर और राजीव सातव के बीच कांग्रेस पार्टी लगातार पतन की ओर है—और कोई वास्तव में इसे बचाने वाला नहीं है.

ओबीसी की बुलंद आवाज बनकर उभरे बीजेपी सांसद गणेश सिंह

सांसद गणेश सिंह पटेल शुरू से ही मंडल आयोग की सिफारिशों के प्रबल समर्थक रहे हैं. वे मूल रूप में समाजवादी विचारधारा के समर्थक हैं और मंडल कमीशन के समर्थन में हुए आंदोलन में भी उन्होंने हिस्सा लिया था.

भारतीय विश्वविद्यालयों में सुधार लाने के लिए एनईपी की जरूरत नहीं लेकिन यूजीसी राह में बाधा बनी हुई है

ऐसे दो अकाट्य कारक हैं जिनकी वजह से भारतीय विश्वविद्यालय खुद वह नहीं कर पाए जिन्हें एक राष्ट्रीय नीति के जरिये हासिल करने की कोशिश की जा रही है.

मोदी का दाढ़ी रखना और राहुल का क्लीन शेव लुक उनकी राजनीतिक सोच का आईना हैं

कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूदू से लेकर अमेरिकी नेता बेतो ओ’रुर्क तक दुनियाभर में नेताओं का दाढ़ी रखना या न रखना उनके बारे में खास संदेश देता रहा है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफ़ेद दाढ़ी या काँग्रेस नेता राहुल गांधी का सफाचट चेहरा भी कुछ-न-कुछ कहता है

प्रशांत भूषण के मामले में अगर सुनवाई ‘ईमानदारी’ और ‘इंसाफ’ के जज्बे से हुई तो मिलेंगे जरूरी सवालों के जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण के खिलाफ अदालत की अवमानना के 11 साल पुराने मामले पर सुनवाई नए सिरे से करने का फैसला किया है. उम्मीद है,अदालत की निष्पक्ष सुनवाई से कुछ बहू प्रतीक्षित सवालों के जवाब मिलेंगे.

अयोध्या में भारत के विचार को ध्वस्त नहीं किया गया था बल्कि इसकी नींव हमारे ‘लिबरल’ घरों में रखी गई थी

बाबरी मस्जिद का 1992 का विध्वंस अचानक घटी कोई घटना नहीं थी. मस्जिद को ढहाने में इस्तेमाल औजारों में हमारे परिवारों में होने वाली चर्चाओं का भी योगदान था.

अयोध्या में हिंदुत्ववादी राजनीति राम और हिंदुओ का ही सबसे ज्यादा नुकसान कर रही

प्रधानमंत्री मोदी चुनावी रैली को संबोधित करने फैजाबाद आये थे तो भी कुछ ही किमी दूर स्थित अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन करने नहीं गये. लेकिन अब ‘विकास के महानायक’ का आसन डगमगाया और करिश्मा चुक गया है तो मंदिर के लिए भूमि पूजन करने आ रहे हैं.

अंग्रेजी आकांक्षाओं का प्रतीक है और एनईपी के बावजूद वह दो में से एक राजभाषा बनी रहेगी

मोदी सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति पहले 1966 में कोठारी आयोग ने भी मातृभाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की सिफ़ारिश की थी. लेकिन भारत ने न उसके बाद अंग्रेजी से मुंह मोड़ा और न अब आगे भी शायद मोड़ेगा.

मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति वास्तविकता से कोसों दूर है, भारतीय वोटर अंग्रेजी मीडियम की शिक्षा चाहता है

अगर मोदी सरकार सैद्धांतिक पूर्वाग्रह के चलते देसी भाषा को बच्चों की पढ़ाई का मीडियम बनाने पर ज्यादा ज़ोर देने की कोशिश करेगी तो ‘एनईपी’ को इस दीवार से टकराना पड़ेगा.

कांशीराम और मायावती के दिखाए सपने में उलझ कर रह गए देश के बहुजन

बड़ा सपना सामने रखकर और उसके अन्दर भावना भरकर संगठन का निर्माण कांशीराम ने शुरू किया.

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नक्सलवाद से पश्चिम बंगाल की लड़ाई पुलिस एक्शन तक ही सीमित नहीं थी

मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.

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दिल्ली के सीआर पार्क में धन संबंधी विवाद को लेकर पिता-पुत्र की चाकू से हमला कर हत्या

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क इलाके में शुक्रवार को धन लेन-देन संबंधी विवाद में एक व्यक्ति और उसके बेटे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.