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Saturday, 18 April, 2026
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लखीमपुर खीरी से वाया पंजाब -कश्मीर तक, जो हुआ ऐसे जोखिम भारत अब और नहीं उठा सकता

कश्मीर मसले को निबटाने के लिए पंजाब में अमन चाहिए. जानी-पहचानी बाहरी ताकतों को 30 साल पहले इन दोनों राज्यों में आग लगा देने का जो मौका मिल गया था वह उन्हें फिर से देने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता.

क्या BSP का खेल ख़त्म हो गया है? मायावती की सियासत ने फीकी की कांशीराम की विरासत

मायावती के नेतृत्व में बीएसपी एक तीन आयामी- भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक गिरावट के दौर से गुजर रही है.

मैंने OFB की क्वालिटी में गिरावट देखी है-1970 के दशक में औसत से 2000 में नाक़ाबिले बर्दाश्त तक

वर्दी-पोशाक और लड़ाई में धारण किए जाने वाले कवच आदि के मामले में हमारे सैनिक दुनिया में सबसे कमजोर हैं, और उनके अस्त्र-शस्त्र के बारे में जितना कम कहा जाए उतना बेहतर.

क्या दिल्ली के पेरेंट्स स्कूलों में सरकार द्वारा बच्चों को ‘देशभक्ति’ पढ़ाए जाने से सहमत हैं? इस सर्वे में है जवाब

प्रश्नम ने दिल्ली के 38 विधान चुनाव क्षेत्रों में 300 घरों के पेरेंट्स से, देशभक्ति की भावना भरने के लिए, बच्चों के पाठ्यक्रम में देशभक्ति पढ़ाए जाने के बारे में पूछा.

क्या ममता की आगे की राजनीति 2024 में ‘मोदी नहीं तो कौन’ का जवाब देंगी

ममता कह भले रही हैं कि केन्द्र उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की साजिश रच रहा है, लेकिन इस पहलू से भी अन्जान नहीं हैं कि वे 2024 में भाजपा को देश की सत्ता से हटाने की कांग्रेस की कोशिशों की राह दुश्वार करेंगी तो उसे खुशी ही होगी.

‘अशराफ बनाम पसमांदा’- जातिगत भेदभाव से जूझ रहे मुस्लिमों में कैसे जारी है सामाजिक न्याय का संघर्ष

लगभग 13 से 15 करोड़ की जनसंख्या वाले देशज पसमांदा समाज की यह अनदेखी किसी भी रूप में देश और समाज के हित में नहीं है.

‘खून के धब्बे धुलेंगे कितनी बरसातों के बाद’- लखीमपुर मामले में भारतीय मीडिया की साख फिर हुई तार-तार

जनसंचार के माध्यम और जनमत के बीच खाई का पैदा होना हमारे लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है. यह सेंसरशिप से भी बुरा है.

मोदी ‘सब चंगा सी’ की तरह व्यवहार कर और लखीमपुर खीरी पर चुप रहकर बच नहीं सकते

मोदी ने लखीमपुर खीरी कांड पर चुप्पी साध कर और अपनी सरकार का महिमागान करके साफ कर दिया कि वे एजेंडा को ‘हड़पना’ चाहते हैं और वही सब करना चाहते हैं जिसमें वे माहिर हैं— भुलक्कड़ी, हठ और लीपापोती.

50 साल पहले IAF की उस ‘बाउंस’ पार्टी में शरीक न होता, तो इंडियन आर्मी को अपनी सेवाएं नहीं दे पाता

उस रात भारतीय वायुसेना के ‘स्पिरिट’ में न बहा होता तो आज मैं आपको यह कहानी सुनाने के लिए मौजूद न होता.

तेजी और मंदी शेयर बाजार का चरित्र है, क्या ये फिर गिरेगा

शेयर बाजार का इतिहास गवाह है कि जब यह बुरी तरह गिरता है तो उस समय ही बाद में आने वाली तेजी की नींव भी रखी जाती है.

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नक्सलवाद से पश्चिम बंगाल की लड़ाई पुलिस एक्शन तक ही सीमित नहीं थी

मुझे लिखित संदेश मिला कि कानू सान्याल अपना ‘प्रतिनिधिमंडल’ मेरे पास भेजना चाहते हैं. उम्मीद की जा रही थी कि अपने उग्र समर्थकों के साथ आ रहे दुबले-पतले गुस्सैल बूढ़े आदमी के साथ बेहद तीखी मुठभेड़ होगी.

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राजनीति

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दिल्ली के सीआर पार्क में धन संबंधी विवाद को लेकर पिता-पुत्र की चाकू से हमला कर हत्या

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क इलाके में शुक्रवार को धन लेन-देन संबंधी विवाद में एक व्यक्ति और उसके बेटे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.