एक पैनल छोटे अस्पतालों से ऑक्सीजन आपूर्ति श्रृंखला, दवा की भूमिका और रेफरल मामलों की जांच करेगा ताकि कोविड रोगियों को ठीक करने में म्यूकोर्मिकोसिस के स्रोत का पता लगाया जा सके.
कोविड-19 के मरीजों को उपचार के लिए मिलने वाली दवाओं की किटमें एक दवा वितरित किये जाने की जिलाधिकारी से शिकायत की गयी थी जो जनवरी में ही एक्सपायर हो चुकी थी.
दिप्रिंट ने मंगलवार को ये पता लगाने के लिए संस्थान का दौरा किया कि यह महामारी से कैसे निपट रहा है और मरीजों को कैसे सामाजिक दूरी, मास्क और टीकाकरण के बारे में बताया जा रहा है.
दिप्रिंट ने सभी 30 मुख्यमंत्रियों की वैक्सीन स्टेटस का विश्लेषण किया और पाया कि दो के अलावा हर मुख्यमंत्री ने दोनों वैक्सीन्स में से किसी न किसी का कम से कम एक डोज़ ले लिया है.
केन्द्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि दवा की आपूर्ति मरीजों की संख्या के आधार पर की गयी है. देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय ब्लैक फंगस के 11,717 मामले हैं.