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Monday, 20 April, 2026
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80 km की यात्रा, वैक्सीन पर हिचक और जर्जर ढांचे से जूझना- बिहार के गांव में कैसे बीतता है डॉक्टर का दिन 

37 वर्षीय डॉ पंकज कुमार मधुबनी के कोविड केयर अस्पताल में तैनात हैं. लेकिन जिस बात से वह सबसे ज्यादा डरते हैं, वो है ऐसा क्षण आना जब उन्हें किसी मरीज के परिजन के सामने ये चार भयावह शब्द बोलने पड़ते हैं—‘वो नहीं रहा/रही है.’

‘मोदी, शाह, खट्टर रैलियां, मीटिंग करते हैं लेकिन हम काम नहीं कर सकते?’- हरियाणा के गांवों में लॉकडाउन का बहिष्कार

हरियाणा के आठ गांवों का कहना है कि लॉकडाउन का मतलब है भूख और गरीबी से मर जाना. कई अन्य भी किसान आंदोलन को लेकर ‘सत्तारूढ़ दल का बहिष्कार’ करना चाहते हैं.

कोविड-19 मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती, वैक्सीन से कोरोना को हराने में मिलेगी मददः PM मोदी

प्रधानमंत्री ने इस महामारी में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस महामारी में जिन्होंने अपने प्रियजन को खोया और जो इससे पीड़ित रहे, वह उनके दुख में शामिल हैं.

‘वो सिर्फ एक कॉल की दूरी पर हैं’ – हरियाणा का IAS जिसने कोविड से ग्रस्त होते हुए भी नहीं छोड़ा काम

सोनीपत के जिला कलेक्टर को अप्रैल में कोविड होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनकी बेटी वेंटिलेटर पर थी. फिर भी वह यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी टीम के साथ संपर्क में रहे कि जिले में महामारी प्रबंधन पटरी पर रहे.

एम्स फोरेंसिक चीफ ने कहा- मौत के 12-24 घंटे बाद मुंह और नाक में जिंदा नहीं रहता कोरोनावायरस

पिछले एक साल में एम्स में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में ‘कोविड-19 पॉजिटिव मेडिको-लीगल’ मामलों पर एक अध्ययन किया गया था. इन मामलों में पोस्टमॉर्टम किया गया था.

भारत में कोरोना फैलने की दर में आई कमी, महामारी की शुरूआत से निम्नतम स्तर 0.82 पर पहुंची R वैल्यू

महाराष्ट, कर्नाटक जैसे राज्यों में R वैल्यू में कमी की प्रवृत्ति देखी जा रही है लेकिन तमिलनाडु और ओडिशा जैसे राज्यों में मामलों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है.

MP के सतना में हैं बहुत सारे कोविड हॉटस्पॉट्स, ख़ाली पड़े हैं अस्पताल, डॉक्टरों पर किसी को नहीं है भरोसा

सतना ज़िले के बहुत सारे गांव रेड ज़ोन या हॉटस्पॉट हैं, लेकिन ऑक्सीजन बेड्स तथा अन्य संसाधन होने के बावजूद, इलाक़े के अस्पताल ख़ाली पड़े हैं.

विशेषज्ञों की राय, कोविड की अगली लहर में बच्चों के प्रभावित होने की वजह मौजूद नहीं

कोविड-19 संबंधी कार्यसमूह के प्रमुख डॉ. एन.के. अरोड़ा ने कहा कि मौजूदा आंकड़े भारत में वायरस के विभिन्न स्वरूपों द्वारा बच्चों या युवाओं को विशेषतौर पर प्रभावित करने संबंधी कोई पूर्वानुमान नहीं दिखाते हैं.

41 दिनों में सबसे कम आए कोविड-19 संक्रमण के नए मामले, मौतों की संख्या भी हुई कम

41 दिनों बाद 24 घंटे में कोविड-19 के दो लाख से कम 1,96,427 नए मामले सामने आए हैं वहीं मौत का आंकड़ा भी कम हुआ है. 3,511 लोगों की मौत पिछले 24 घंटे में हुई है.

टीका न लगवाने की ‘कसम’ खा चुके अलीगढ़ के लोगों ने कहा-कोविड एक अफवाह, वैक्सीन हमारी जान ले लेगी

अलीगढ़ में, चाहे हिंदू हों या मुसलमान, युवा हों या बूढ़े, अधिकांश लोग कोविड का टीका नहीं लगवाना चाहते. उनका मानना है कि 99% लोग इसकी वजह से मर जाते हैं.

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एक सफल दलित होने की चुनौतियां

मैं अभी तक सफल नहीं हुआ हूं. लेकिन मेरे पिता, जो पहली पीढ़ी के पढ़े-लिखे इंसान थे, एक साफ-साफ सफलता की मिसाल हैं. एक...

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निर्वाचन आयोग बंगाल चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष रूप से कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा: ज्ञानेश कुमार

नयी दिल्ली/कोलकाता, 20 अप्रैल (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.