अभिनंदन पीएम मोदी से मिलती-जुलती अपनी शक्ल के चलते पहले भी कई बार चर्चा में रहे हैं. साल 2014 में अभिनंदन ने भाजपा और पीएम मोदी के लिए जमकर प्रचार किया था.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है