news on politics
ख्यात भजन गायक प्रहलाद टिपानिया. फोटो: सोशल मीडिया
Text Size:

नई ​दिल्ली: मध्यप्रदेश के देवास – शाजापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रहे पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया ने कांग्रेस पार्टी को कठघरे में खड़ा ​कर दिया है. उनका सीधा आरोप है कि कांग्रेस पाटी सिर्फ कागजों पर ​नजर आती है. उन्होंने  कहा है कि अजा-जजा के प्रत्याशियों के लिए ऊंची जाति के कार्यकर्ताओं ने चुनाव में काम नहीं किया है. इसका खामियाजा यह है कि पार्टी चुनाव में हार गई. टिपानिया के इस बयान के बाद पार्टी ने इसे गंभीरता से लेते हुए मंथन शुरू कर दिया है. वहीं सभी प्रत्याशियों से चर्चा भी शुरू कर दी है.

टिपानिया के इस बयान का अन्य पार्टी के नेताओं ने भी समर्थन किया है. खरगोन से कांग्रेस प्रत्याशी रहे डॉ गोविंद मुजाल्दे ने दिप्रिंट हिंदी को बताया कि पार्टी की हार की एक ही वजह है वह केवल अति आत्मविश्वास रहा है. इसके अलावा मेरे लोकसभा क्षेत्र में भी इस तरह की बातें समाने आई थीं, लेकिन पार्टी के कार्यकताओं को साथ रखकर हम प्रचार में जुटे रहे.

इस बारें में झाबुआ- रतलाम से कांग्रेस उम्मीदवार रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने दिप्रिंट हिंदी से बातचीत में कहा कि इस विषय पर मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा. टिपानियां जी ने ऐसा क्यों कहा मुझे जानकारी में नहीं है. लेकिन पार्टी इस मामले में चर्चा कर रही है.

टिपानिया के बयान के बाद हार पर मंथन हुआ तेज

हाल में प्रहलाद टिपानिया ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी में जातिवादी मानसिकता के लोग बड़े पदों पर बैठे हैं. जो जमीनी कार्यकर्ताओं से कभी नहीं मिलते है. न ही उन्हें तवज्जो देना उचित समझते है. पार्टी की राज्य और देश में हार का प्रमुख कारण गुटबाजी है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में समर्पित रुप से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की बहुत कमी है.

टिपानियां ने संगठन पर सवाल खड़े करने के बाद प्रदेश के सह प्रभारी संजय कपूर प्रदेश पहुंचे. यहां उन्होंने कांग्रेस के तमाम पदाधिकारियों और प्रदेश के मंत्री समेत इंदौर-उज्जैन संभाग की सीटों पर हार का मंथन किया. इसके अलावा उम्मीदवारों से मिलकर उनके क्षेत्रों में हार का कारण जानने का प्रयास भी किया.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

टिपानिया के बयान के बाद प्रदेश में मचे बवाल के बाद राज्य में कांग्रेस पार्टी के सह प्रभारी संजय कपूर ने दिप्रिंट से चर्चा में कहा कि ऐसा बयान टिपानियां जी ने क्यों दिया है. इसे लेकर सभी से चर्चा कर रहे है. अभी हम लोगों से बात करने के बाद ही कुछ जवाब दे सकूंगा.

पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया कबीर पंथी भजन गायक है. कांग्रेस ने उन्हें देवास लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था. यहां से भाजपा के महेंद्र सिंह सोलंकी ने उन्हें 3 लाख 72 हजार मतों से हराया था. कांग्रेस ने टिपानिया को चुनाव लड़वा कर एक तरह से प्रदेश की एससी एसटी वर्ग की 10 आरक्षित सीटों को प्रभावित करने का प्रयास किया था. पूरे प्रदेश में इस वर्ग का 37 फीसदी वोट बैंक है. देवास लोकसभा क्षेत्र में 17.50 लाख मतदाता हैं. इनमें आधे वोटर्स एससी—एसटी वर्ग के हैं.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं

आप ये इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप अच्छी, समझदार और निष्पक्ष पत्रकारिता की कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.

आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

हमारे न्यूज़ रूम में योग्य रिपोर्टरों की कमी नहीं है. देश की एक सबसे अच्छी एडिटिंग और फैक्ट चैकिंग टीम हमारे पास है, साथ ही नामचीन न्यूज़ फोटोग्राफर और वीडियो पत्रकारों की टीम है. हमारी कोशिश है कि हम भारत के सबसे उम्दा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बनाएं. हम इस कोशिश में पुरज़ोर लगे हैं.

दिप्रिंट अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही वेतन देता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें. आपका प्यार दिप्रिंट के भविष्य को तय करेगा.

शेखर गुप्ता

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ

अभी सब्सक्राइब करें

VIEW COMMENTS